अग्निश्चाक्षुष
अग्निस्तापस
अड्डोमुग्वामदेव्य(कुल्मलबर्हिष
अत्रिभर्ग
अत्रिभूम
अत्रिर्भीम
अनानत
अमहीयुराङ्गिरस
अम्बरीषो
अयास्य
अरिष्टनेमिस्ताक्ष्र्य
अवत्सार
अवस्युरात्रये
अश्विनौ
असित
आत्रेय
आमहीयुराङ्गिरस
आयुन्ङ्क्श्वाहि(ऋ
इय,वाश्व
इरिम्बिठ
उचथ्य
उत्कील
उपस्तुतो
उलो
उशना
उषा
ऊरुराङ्गिरस
ऊर्ध्वसद्मा
ऋजिश्वा
ऋण
ऋणञ्चयो
एवयामरुदात्रेय
कण्वो
कर्णश्रुद्वासिष्ठ
कलि
कवत्र
कविर्भार्गव
कविर्मेधावी
कश्यपो
कुत्स
कुसीदी
कृतयशा
कृष्ण
गय
गातरात्रये
गृत्समद
गोतमो
गोधा
गोपवन
गोषूकश्वसूनूकाण्वायनाै
गोषूकश्वसूनूकाण्वायौ
गौतमो
गौरवीति
गौराङ्गिरस
गौिरवीित
चक्षुर्मानव
जतेा
जमदग्निभागर्व
जमदग्निर्भार्गव
तिरश्चीरांगिरस
तिरश्चोरांगिरस
त्रसदस्यु
त्रित
त्रिशिरास्त्वष्टु
त्रिशोक
त्ा
दध्यङ्गाथर्वण
दीर्घतमा
दृढच्युत
देवजामय
देवातिथि
द्युतानो
द्वित
द्वितो
नकुल
नमृधे
नमृधे-
नहुषो
नारद
निध्रुवि
नोधा
नोपातिथि
पराशर
पराशरःशाक्त्य
परुच्छेपो
पर्वत
पर्वतनारदौ
पवमान
पवित्र
पायुभारद्वाज
पायुर्भारद्वाज
पुरुच्छेपो
पुरुहन्मा
पूरुरात्रये
पृतवु्न्य
पृषघ्र
प्रगथो
प्रगाथ
प्रगाथो
प्रजापतिर्वैश्वामित्रो
प्रतर्दनो
प्रभूवसुराङ्गिरस
प्रयोगो
प्रस्कण्व
प्रियमेध
बन्धु
बिन्दु
बुधगविष्ठिरावात्रेयौ
बृहदुक्तो
बृहन्मतिराङ्गिरस
बृहस्पतिकुलो
ब्रहमातिथि
भग
भरद्वाज(गर्गो
भरद्वाज(शयु
भरद्वाज(–
भरद्वाजो
भाद्वाजो
भारद्वाज(शय्युबार्हस्पत्य
भारद्वाजो
भुवन
भृगुर्वारुणिर्जमदग्निर्भार्गवो
मधछु
मधुच्छन्दा
मध्ये
मध्येआतिथि
मध्येआतिथि(मेधातिथिर्वा
मनवुर्वैस्वस्त
मनु
मनुराप्सव
मन्युर्वासिष्ठ
मेधातिथि
मेधातिथि(मध्येआतिथि
मेधातिथि(शय्युबार्हस्पत्य
मेधातिथि-मध्येआतिथी
मेधातिमध्येआतिथी
मेध्यातिथि
ययातिर्नाहुष
रेणुर्वैश्वामित्र
रेभ
रैभसूनू
वत्स
वत्स(वशोऽश्वय
वत्सप्रिर्भालन्द
वत्सप्रिर्भालन्दनः‍
वसिष्ठो
वसुश्रुत
वस्युव
वामदेव
वामदेवो
विमद
विरूप
विश्वमना
विश्वामित्रो
वृषगणो
वेनो
शक्तिर्वासिष्ठ
शय्युबार्हस्पत्य
शय्युबार्हस्पत्य(तृणपाणि
शुन
श्यावाश्व
श्यावाश्वो
श्रुतकक्ष
श्रुतकक्ष(सुकक्ष
श्रुतकक्ष(सुकक्षो
श्रुतकक्ष(सुकेवा
श्रुष्टिगु
सत्यव्रतबाऱुणि
सत्वश्रवा
सप्तर्षय
सप्त्तगुरांगिरस
सम्वर्त
सव्य
सिकता
सिन्धुद्वीप
सुकक्ष
सुकक्षत्रुतकाै
सुदीतिपुरुमी-ळावांगिरसौ
सुदीतिपुरुमीढा
सुवेदा
सुहोत्रो
सोभिर
सोमाहुतिभागर्व
हयत