॥ उशना काव्यः पवमानः सोमः त्रिष्टुप् ॥
प्र᳸तूद्रा᳒वापा᳒रीकोश᳒न्नीषी॑दा । नृभी॑ःपूनानोआभीवाज॑मर्ष॑ । अश्वन्न᳹त्वा॑वाजीन॑र्म्म॑र्जयन्ते । अच्छा॑बर्ही᳹रा॑शाना᳒भिर्न्न॑यन्ते ॥ १ ॥
ओ ईचाप्रा तूफाइ हाताओद्रवापारी कोकूशान्नी षीखिदाश। ओ ईचानृ भीफारि हाकाओपुना नोकीआभी वाकिज माखार्षश। ओ आचाश्वाफइ हाताओनत्वा वाटीजीन म्माकिर्ज याखान्ता इशा। ओ आचाच्छाफइ हाताओ बकार्हाइ राकिशना भापिइर्न्ना याखि। न्तात्रइश॥ १ ॥ हा ओकाहाफउहुवा ओखिहाण। प्रातुद्र वाषीपारी कोकिशान्नि षीखिदाश। नृभिःपुना नोटुआभी वाकिज माखार्षाश। अश्वन्नत्वा वाटुजीन म्माकिर्ज याखान्ता इशा। हा ओकाहाफउहुवा ओखिहाण। अच्छा बकिर्हाइ राकिशना भापिइर्न्ना याखि। न्तात्रइश॥ २ ॥ प्रा तूता। द्रावापरि कोषुशान्नि षीटिदाथ। नृभिःपुना नोटुआभी वाकिज माखार्षाण। अश्वन्न त्वाषीवाजिनम्मार्ज याटून्तातइश। अच्छा बकिर्हाइ राकिशना भापिइर्न्ना याखि। न्तात्रइश॥ ३ ॥
॥ उशना काव्यः पवमानः सोमः त्रिष्टुप् ॥
प्र᳸तूद्रा᳒वापा᳒रीकोश᳒न्नीषी॑दा । नृभी॑ःपूनानोआभीवाज॑मर्ष॑ । अश्वन्न᳹त्वा॑वाजीन॑र्म्म॑र्जयन्ते । अच्छा॑बर्ही᳹रा॑शाना᳒भिर्न्न॑यन्ते ॥ १ ॥
प्र त्वेकाप्र तुता। द्रावाद्र वाषीपारी कोकिशान्नी षीखिदाश। नृभि रेतिनृ भीःताव पूनापुना नोटुआभी वाकिज माखार्षाश। अश्व मेतिअ श्वाताम् । नत्वानत्वा वाटुजीन म्माकिर्ज याखान्ता इशा। अच्छ येतिअ च्छाता। बर्हा बकिर्हाइ राकिशना भापिभाइर्न्ना याखि। न्तात्रइश॥ ४ ॥ प्रतू द्राति। वापरि कोषीशान्नी षीटूदातसाइ दाकि। श बु होकाच्औकहो वाका। नृभिःपुना नोषुअभीवाज माटुर्षातआ र्षाकाबु होकाच्औकहो वाका। अश्वन्नत्वा वाषुजिनम्मार्ज याटुन्तातइशय न्ताकाबु होकाच्औकहो वाका। अच्छा बकिर्हाइ राकिशना भिटिर्न्ना याकाएखहिया हाप्लिउ वाशा। न्ताखइश॥ ५ ॥
॥ वृषगणो वासिष्ठः पवमानः सोमः त्रिष्टुप् ॥
प्राकाव्यामूशानेवब्रूवाणः । देवोदेवानाञ्जनीमाविवक्ति । माहीव्रातश्शूचीबन्धुःपावाकाः । पादावाराहोअभ्येतीरेभन् ॥ २ ॥
प्राकका व्याटाच्मूशने वाभीब्रू वाटाणाःत। देवोदे वाटीनान्जनि माटीच्वि वाटाक्तीत। माहिव्रा ताटीच्श्शुछीबा न्धूःभीपा वाटाकाःत। पादावा राटीहोअभि याटीइति राखिऔहो वाशि। भाखन् ॥ ६ ॥ प्रका व्याटिच्मूशने वाभीब्रूवा णाःटि। देवो दे वाटीनान्जनि माटीच्विवा क्तिटि। माहिव्रा ताटीश्शुचिबा न्धूःभीपावा काःटि। पादावा राटीहोटभि याखाऔहो वाशि। ती रेटाभाखन् ॥ ७ ॥ प्रकाव्यामुश नेचूवा ब्रूशावा णोकादेखवोश। देवा नाचिन्ज निचामाकवीवा क्तिकिमाखहीश। वृतश्शुचीब न्धूःथूपवा काःकिपाखदाश। वरा होचिअ भ्येकाति राटाहाउ वाति। भाखन् । ॥ ८ ॥ हाबु हातिबू हूचाप्राक व्याकिमूशने वाकीब्रु वाखाणाःप्ल। देकवोदेवा नाटीन्जनी माकिवि वाखाक्तिश। माहिव्रा ताकीश्शुचिबा न्धूःकीपा वाखाकाःप्ल। हाबु हातिबू हूचा। पाचदाकवरा होटिअभि यापिइति राखिइश। भात्रन् ॥ ९ ॥
॥ पराशरःशाक्त्यः पवमानः सोमः त्रिष्टुप् ॥
तिस्रोवाचा॑ईरयातीप्रा᳒वह्रीः । ऋतस्या॑धीतिंब्रह्मा॑णोमानीषाम् । गावो॑यन्तीगो᳒पातिंपृच्छामानाः । सो᳒मंयन्तिमा᳒ता᳒यो॑वावाशाना᳒ः ॥ ३ ॥
हो येटाहो वाटाहातहोतइशतिस्रोवाचा ईटुरा याकातिप्र वाखिन्हीःप्ल। ओ हाणाफ्होखहाओ हाशि। ऋतस्यधाइ तींटूब्राह्मा णोकिमा नीखाषाशम् । आ हाकाहोइ आकिहा हाकाच्हाकहोचइश। गाकवोयन्ताइ गोटुपाति म्पाकिर्च्छा माखानाःप्ल। इ हाकाहोइ ईकिहा हाकाच्हाकहोचइश। सोकमय्यन्ताइ माकुतयो वापिवा शाखा। नाःत्र॥ १० ॥ होइ याटिहोचइशतिस्रोवाचा ईटुरा याकातिप्र वाखिन्हीःप्ल। ओ हाणाफ्होखहाओ हाशि। ऋतस्यधाइ तींटूब्राह्मा णोकिमा नीखाषाशम् । आ हाकाहोइ आकिहा हाकाच्हाकहोचइश। गाकवोयन्ताइ गोटुपाति म्पाकिर्च्छा माखानाःप्ल। इ हाकाहोइ ईकिहा हाकाच्हाकहोचइश। सोकमय्यन्ताइ माकुतयो वापिवा शाखा। नाःत्र॥ ११ ॥ हाकहोइ याटिहोकच्इशतिस्रोवाचा ईटुरा याकातिप्र वाखिन्हीःप्ल। ओ हाणाफ्होखहाओ हाशि। ऋतस्यधाइ तींटूब्राह्मा णोकिमा नीखाषाशम् । आ हाकाहोइ आकिहा हाकाच्हाकहोचइश। गाकवोयन्ताइ गोटुपाति म्पाकिर्च्छा माखानाःप्ल। इ हाकाहोइ ईकिहा हाकाच्हाकहोचइश। सोकमय्यन्ताइ माकुतयो वापिवा शाखा। नाःत्र॥ १२ ॥
॥ वसिष्ठो मैत्रावरुणिः पवमानः सोमः त्रिष्टुप् ॥
अस्य᳒प्रेषा᳒हेमा᳹ना॑पूया᳒मा॑नः । देवो᳒देवे᳒भिस्सा᳒मा॑पृक्तारा᳒स॑म् । सू᳒तःपा᳹वित्रंपर्येतीरे᳒भ॑न् । मीतेवासा᳒द्मा॑पाशूम॑न्तीहो᳒ता॑ ॥ ४ ॥
होइया ईकीहोइया औटीहोइ याकिच्तिस्रोवाचा ईटुरा याकातिप्र वाखिन्हीःप्ल। ओ हाणाफ्होखहाओ हाशि। ऋतस्यधाइ तींटूब्राह्मा णोकिमा नीखाषाशम् । आ हाकाहोइ आकिहा हाकाच्हाकहोचइश। गाकवोयन्ताइ गोटुपाति म्पाकिर्च्छा माखानाःप्ल। इ हाकाहोइ ईकिहा हाकाच्हाकहोचइश। सोकमय्यन्ताइ माकुतयो वापिवा शाखा। नाःत्र॥ १३ ॥ होइहा ईकीहोइहा औटीहोइ हाकिच्तिस्रोवाचा ईटुरा याकातिप्र वाखिन्हीःप्ल। ओ हाणाफ्होखहाओ हाशि। ऋतस्यधाइ तींटूब्राह्मा णोकिमा नीखाषाशम् । आ हाकाहोइ आकिहा हाकाच्हाकहोचइश। गाकवोयन्ताइ गोटुपाति म्पाकिर्च्छा माखानाःप्ल। इ हाकाहोइ ईकिहा हाकाच्हाकहोचइश। सोकमय्यन्ताइ माकुतयो वापिवा शाखा। नाःत्र॥ १४ ॥
॥ प्रतर्दनो दैवोदासिः पवमानः सोमः त्रिष्टुप् ॥
अक्रा᳒न्सामुद्र᳹ःप्रा॑थामे᳒वि᳒ध᳒र्म्म॑न् । जना᳹य॑न्प्राजा᳒भु᳒वानास्यागोपा᳒ः । वृषा॑पावी᳒त्रेआ᳒धीसा᳒नोअव्ये॑ । बृ᳒ह᳒त्सो᳒मो॑वावृधेस्वानो᳒अ᳒द्रीः ॥ ५ ॥
ई होचाई हाफाइहोइ हातीहो वाकाच्हो इफहाण। तिस्रोवाचा ईटुरा याकातिप्र वाखिन्हीःप्ल। ओ हाणाफ्होखहाओ हाशि। ऋतस्यधाइ तींटूब्राह्मा णोकिमा नीखाषाशम् । आ हाकाहोइ आकिहा हाकाच्हाकहोचइश। गाकवोयन्ताइ गोटुपाति म्पाकिर्च्छा माखानाःप्ल। इ हाकाहोइ ईकिहा हाकाच्हाकहोचइश। सोकमय्यन्ताइ माकुतयो वापिवा शाखा। नाःत्र॥ १५ ॥ इहाउ वाटीइखहाइ हाप्लिङ्तिस्रोवाचा ईटुरा याकातिप्र वाखिन्हीःप्ल। ओ हाणाफ्होखहाओ हाशि। ऋतस्यधाइ तींटूब्राह्मा णोकिमा नीखाषाशम् । आ हाकाहोइ आकिहा हाकाच्हाकहोचइश। गाकवोयन्ताइ गोटुपाति म्पाकिर्च्छा माखानाःप्ल। इ हाकाहोइ ईकिहा हाकाच्हाकहोचइश। सोकमय्यन्ताइ माकुतयो वापिवा शाखा। नाःत्र॥ १६ ॥
॥ प्रतर्दनो दैवोदासिः पवमानः सोमः त्रिष्टुप् ॥
अक्रा᳒न्सामुद्र᳹ःप्रा॑थामे᳒वि᳒ध᳒र्म्म॑न् । जना᳹य॑न्प्राजा᳒भु᳒वानास्यागोपा᳒ः । वृषा॑पावी᳒त्रेआ᳒धीसा᳒नोअव्ये॑ । बृ᳒ह᳒त्सो᳒मो॑वावृधेस्वानो᳒अ᳒द्रीः ॥ ५ ॥
इ हाकाउ वाताइहाउ वाटीइ हाकाउ वात्रईखहा ईप्लाहाङ। तिस्रोवाचा ईटुरा याकातिप्र वाखिन्हीःप्ल। ओ हाणाफ्होखहाओ हाशि। ऋतस्यधाइ तींटूब्राह्मा णोकिमा नीखाषाशम् । आ हाकाहोइ आकिहा हाकाच्हाकहोचइश। गाकवोयन्ताइ गोटुपाति म्पाकिर्च्छा माखानाःप्ल। इ हाकाहोइ ईकिहा हाकाच्हाकहोचइश। सोकमय्यन्ताइ माकुतयो वापिवा शाखा। नाःत्र॥ १७ ॥ ईखहाहा ईप्लहाङतिस्रोवाचा ईटुरा याकातिप्र वाखिन्हीःप्ल। ओ हाणाफ्होखहाओ हाशि। ऋतस्यधाइ तींटूब्राह्मा णोकिमा नीखाषाशम् । आ हाकाहोइ आकिहा हाकाच्हाकहोचइश। गाकवोयन्ताइ गोटुपाति म्पाकिर्च्छा माखानाःप्ल। इ हाकाहोइ ईकिहा हाकाच्हाकहोचइश। सोकमय्यन्ताइ माकुतयो वापिवा शाखा। नाःत्र॥ १८ ॥
॥ वसिष्ठो मैत्रावरुणिः पवमानः सोमः त्रिष्टुप् ॥ ॥ पराशरःशाक्त्यः पवमानः सोमः त्रिष्टुप् ॥
का᳒नी॑क्रन्तीहा᳒री᳸रासृज्या᳒मा॑नः । सी᳒दन्वा᳒ना॑स्याजठा॑रेपूनानः । नृभी᳹रीयाताःकृणुतेनिर्न्नी॑जङ्गाम् । आ᳸तो॑मातीञ्जनायातास्वाधा᳒भिः ॥ ६ ॥ ए᳒षस्या᳒तेमा᳒धू॑मंइन्द्रासोमा॑ः । वृ᳒षावृष्णःपा᳹री॑पावीत्रे॑क्षाः । साहास्रादश्शा॑तादा᳹भु᳒रीदावा॑ । शश्वक्तामं᳒बर्ही᳒रावाज्यास्थात् ॥ ७ ॥
ओ औकाहोखऔ होफावातहातच्। तिस्रोवाचा ईटुरा याकातिप्र वाखिन्हीःप्ल। ओ हाणाफ्होखहाओ हाशि। ऋतस्यधाइ तींटूब्राह्मा णोकिमा नीखाषाशम् । आ हाकाहोइ आकिहा हाकाच्हाकहोचइश। गाकवोयन्ताइ गोटुपाति म्पाकिर्च्छा माखानाःप्ल। इ हाकाहोइ ईकिहा हाकाच्हाकहोचइश। सोकमय्यन्ताइ माकुतयो वापिवा शाखा। नाःत्र॥ १९ ॥ ओऔ होटिच्औकहोखऔ होफाऔ होफावातहातहातचइशतिस्रोवाचा ईटुरा याकातिप्र वाखिन्हीःप्ल। ओ हाणाफ्होखहाओ हाशि। ऋतस्यधाइ तींटूब्राह्मा णोकिमा नीखाषाशम् । आ हाकाहोइ आकिहा हाकाच्हाकहोचण इश। गाकवोयन्ताइ गोटुपाति म्पाकिर्च्छा माखानाःप्ल। इ हाकाहोइ ईकिहा हाकाच्हाकहोचइश। सोकमय्यन्ताइ माकुतयो वापिवा शाखा। नाःत्र॥ २० ॥
॥ प्रस्कण्वः काण्वः पवमानः सोमः त्रिष्टुप् ॥ ॥ उशना काव्यः पवमानः सोमः त्रिष्टुप् ॥ ॥ प्रतर्दनो दैवोदासिः पवमानः सोमः त्रिष्टुप् ॥
पा᳒वा॑स्वसो᳒मामाधूमंऋता᳒वा । आपो᳹वा ᳹सा॑नोआ᳒धीसा᳒नोअ᳒व्ये॑ । आ᳒वद्रो᳒णानीघृता᳒व᳸न्तीरोहा । मादिन्ता᳸मोमत्सारा᳹इन्द्रा॑पानाः ॥ ८ ॥ सो᳒माःपवतेज᳹नीता᳒मा᳹तीनां । जनीता᳒दीवोज॑नीता᳹पृ॑थिव्या॑ः । जनीता॑ग्ने॑र्जनीतासूर्या॑स्या । जनीते᳒न्द्रा॑स्याजनीतोतवी᳒ष्णो॑ः ॥ ९ ॥ आ᳒भित्रीपृष्ठंवृ᳒षाणं॑वायोधाम् । अ᳸ङ्गोषीणा᳹मवावाशन्तावाणीः । वानावसा॑नोवा᳹रू॑णोनसी᳒न्धूः । वीरात्ना᳒धा᳒द᳒यातेवा᳒र्याणि ॥ १० ॥
अ स्याखाऔकहो वाथा। प्रेषा हेटिमाना पूकिय माखानाःप्ल। दे वोखाऔकहो वाथा। देवाइ भीटीस्सामा पृकिक्त राखासशम् । सु ताखाऔकहो वाथा। पवाइ त्रांटीपारी येकिति रेखाभशन् । मि ताखाऔकहो वाथा। वसा द्माभिपाशु मकिन्ति होखाताश। पशु मापिन्ति होखा। तात्र॥ २१ ॥ उहुवाय स्याखुऔकहो वाथा। प्रेषा हेटिमाना पूकिय माखानाःप्ल। उहुवादे वोखुऔकहो वाथा। देवाइ भीटीस्सामा पृकिक्त राखासशम् । उहुवासु ताखुऔकहो वाथा। पवाइ त्रांटीपारी येकिति रेखाभशन् । उहुवामि ताखुऔकहो वाथा। वसा द्माभिपाशु मकिन्ति होखाताश। पशु मापिन्ति होखा। तात्र॥ २२ ॥ हाउहुवाय स्याखुऔकहो वाथा। प्रेषा हेटिमाना पूकिय माखानाःप्ल। हाउहुवादे वोखूऔकहो वाथादेवाइ भीटीस्सामा पृकिक्त राखासशम् । हाउहुवासु ताखूऔकहो वाथा। पवाइ त्रांटीपारी येकिति रेखाभशन् । हाउहुवामि ताखूऔकहो वाथा। वसा द्माभिपाशु मकिन्ति होखाताश। पशु मापिन्ति होखा। तात्र॥ २३ ॥ हायौहोवाय स्याखूऔकहो वाथा। प्रेषा हेटिमाना पूकिय माखानाःप्ल। हायौहोवा इषुदे वोखाऔकहो वाथा। देवाइ भीटीस्सामा पृकिक्त राखासशम् । हायौहोवा इषुसु ताखाऔकहो वाथा। पवाइ त्रांटीपारी येकिति रेखाभशन् । हायौहोवा इषुमि ताखाऔकहो वाथा। वसा द्माभिपाशु मकिन्ति होखाताश। पशु मापिन्ति होखा। तात्र॥ २४ ॥ हाहायौहो वाषुय स्याखाऔकहो वाथा। प्रेषा हेटिमाना पूकिय माखानाःप्ल। हाहायौहोवा इषूदे वोखाऔकहो वाथा। देवाइ भीटीस्सामा पृकिक्त राखासशम् । हाहायौहोवा इषूसु ताखाऔकहो वाथा। पवाइ त्रांटीपारी येकिति रेखाभशन् । हाहायौहोवा इषूमि ताखाऔकहो वाथा। वसा द्माभिपाशु मकिन्ति होखाताश। पशु मापिन्ति होखा। तात्र॥ २५ ॥ औटहोकव हाथाहो ईटाहाकथ्। अस्यप्रेषा हेटुमाना पूकिय माखानाःप्ल। देवोदेवाइ भीटूस्सामा पृकिक्त राखासशम् । सूतःपवाइ त्रांटूपारी येकिती रेखाभशन् । औटहोकव हाथाहो ईटाहाकथ्। मीतेवसा द्माटुपाशू मापिन्ति होखा। तात्र॥ २६ ॥
॥ प्रतर्दनो दैवोदासिः पवमानः सोमः त्रिष्टुप् ॥
आ᳒भित्रीपृष्ठंवृ᳒षाणं॑वायोधाम् । अ᳸ङ्गोषीणा᳹मवावाशन्तावाणीः । वानावसा॑नोवा᳹रू॑णोनसी᳒न्धूः । वीरात्ना᳒धा᳒द᳒यातेवा᳒र्याणि ॥ १० ॥
होहोअ क्राटीन्साचमु द्राःचाप्रथा मेचिविध र्म्माशिन् । होहो इकिजन यकिन्प्रा जाकाभुवनस्य गोकुपाःच। होहोइवृ षाटुच्पावि त्रेटिच्आधिसा नोभिअ व्याचाइश। होहो इकिबृहत्सोमो वाटुवृकधे स्वाथानोअ द्राटियौटहो वाताहाउ वाति। एतच्स्वाकनोअ द्रीःटिख्॥ २७ ॥
॥ प्रतर्दनो दैवोदासिः पवमानः सोमः त्रिष्टुप् ॥
आ᳒भित्रीपृष्ठंवृ᳒षाणं॑वायोधाम् । अ᳸ङ्गोषीणा᳹मवावाशन्तावाणीः । वानावसा॑नोवा᳹रू॑णोनसी᳒न्धूः । वीरात्ना᳒धा᳒द᳒यातेवा᳒र्याणि ॥ १० ॥
का नीता। क्र न्तीटाक्र न्तीटाह रीकाराथसृज्य माटिना साखाइ दणान् । वा नाटावा नाटास्यजठ रेकीपू नाटानो नृखाभीःण। या ताटाया ताःटाकृ णूकाते निथार्न्नि जांटागा माखाताःण। मा तिटाम्मा तिटान्ज नकायता स्वाटिधाखऔहो वाशि। भीःख॥ २८ ॥ कनिक्रन्ती हाफूहोतइहरिरा सृफुज्य माखानाःप्ल। हातहोइसीदन्वन स्यषूजठ रेकिपू नाटानाःत। हातहोइनृभिर्य तःषूकृणु तेकिनिर्न्नि जाटिङ्गात। हातहोअतोमता इषूजनयता स्वाटुट्धाखऔहो वाशि। भीःख॥ २९ ॥
॥ प्रतर्दनो दैवोदासिः पवमानः सोमः त्रिष्टुप् ॥
आ᳒भित्रीपृष्ठंवृ᳒षाणं॑वायोधाम् । अ᳸ङ्गोषीणा᳹मवावाशन्तावाणीः । वानावसा॑नोवा᳹रू॑णोनसी᳒न्धूः । वीरात्ना᳒धा᳒द᳒यातेवा᳒र्याणि ॥ १० ॥
एषाए षाःती। स्य ताताओपइमधूमंइ न्द्रषूसोमोवृषावृ षातूएत। वृ ष्णाताओःपपरिपवि त्रेषुअक्षास्सहासा हातूएत। स्र दाताओपश्शतदाभू रिषुदावाशश्वच्छ श्वातूदेत। त माताओंपबर्हिरावा ज्येषुहिया हाप्लिउ वाशा। स्थाखत् ॥ ३० ॥
॥ प्रतर्दनो दैवोदासिः पवमानः सोमः त्रिष्टुप् ॥
आ᳒भित्रीपृष्ठंवृ᳒षाणं॑वायोधाम् । अ᳸ङ्गोषीणा᳹मवावाशन्तावाणीः । वानावसा॑नोवा᳹रू॑णोनसी᳒न्धूः । वीरात्ना᳒धा᳒द᳒यातेवा᳒र्याणि ॥ १० ॥
हा ओखाहाण। इ हाताओचपाकवस्वसो माटीमाधू मंकिॠ ताखावाश। आपोवसा नोटुआधी साकिनोखअव्या इशि। आवद्रोणा नीटुघार्क्ता वकिन्ती रोखाहाश। हा ओखाहाण। इ हाताओचमकदिन्तमो माटीत्सर यापिइन्द्रा पाखि। नाःत्र॥ ३१ ॥
॥ प्रतर्दनो दैवोदासिः पवमानः सोमः त्रिष्टुप् ॥
आ᳒भित्रीपृष्ठंवृ᳒षाणं॑वायोधाम् । अ᳸ङ्गोषीणा᳹मवावाशन्तावाणीः । वानावसा॑नोवा᳹रू॑णोनसी᳒न्धूः । वीरात्ना᳒धा᳒द᳒यातेवा᳒र्याणि ॥ १० ॥
सोमःपव तेचुजनि ताकिच्मा ताकाइ नाटाम् । जनि तातिदी वोचाजनी ताकिच्पृ थाकाइ व्याःटा। जनिता ग्नेषीर्जनिता सूकीरी याटायातस्या । जनि तेकिन्द्रा स्याटाजनि तोपिता वाखाइश। ष्णोःत्र॥ ३२ ॥ सोमःपव तेषुजनिता एतीऔ होखावात्र। मा तापइशनात्रम् । जनि ताकिदी वोकाजनी ताकिप्रथि व्याःचि। ज नाटाइ ताखाग्नेःण। जनिता सूखीरी याखास्यात्र। जनि तेकिन्द्रास्यजनि तोकुतवि ष्णोःटिख्॥ ३३ ॥ हाबुजनद्धाबुजनद्धाबुज नषोज्जनद्धाबुजन द्धाबुजन द्धातोबुशहोइजनद्धो इषूजनद्धोइज नाचूत् । सोकमःपवा तेटीजानी तोकिम तीखानाशम् । जनि ताकिदाइ वोटिजानी ताकिपृ थीखाव्याःप्ल। जनि ताकिग्नाइ र्जकिनिता सूकिर्याखस्याश। हाबुजनद्धाबुजनद्धाबुज नषोज्जनद्धाबुजनद्धाबुजन द्धातोबुश। होइजनद्धो इषूजनद्धोइज नाचूत् । जनि तेकिन्द्रा स्याटाजानी तोपिता वाखाइश। ष्णोःत्र॥ ३४ ॥ जनद्धाबुजनद्धाबुजनद्धा बुषौजनदाबुजनदाबु जन दातोबुशजनद्धोइज नषूद्धोइजन द्धोचुइश। सोकमःपवा तेटीजानी ताकिम तीखानाशम् । जनि ताकिदाइ वोटिजानी ताकिपृ थीखाव्याःप्ल। जनि ताकिग्नाइ र्जकिनिता सूकिर्याखस्याश। जनद्धाबुजनद्धाबुजनद्धा बुषौजनदाबुजनदाबुजन दातोबुश। जनद्धोइज नषूद्धोइजन द्धोचुइश। जनि तेकिन्द्रा स्याटाजानी तोपिता वाखाइश। ष्णोःत्र॥ ३५ ॥
॥ प्रतर्दनो दैवोदासिः पवमानः सोमः त्रिष्टुप् ॥
आ᳒भित्रीपृष्ठंवृ᳒षाणं॑वायोधाम् । अ᳸ङ्गोषीणा᳹मवावाशन्तावाणीः । वानावसा॑नोवा᳹रू॑णोनसी᳒न्धूः । वीरात्ना᳒धा᳒द᳒यातेवा᳒र्याणि ॥ १० ॥
ओकहा ओटाहाकओ हाटाइ याटाओटहातएत। आभित्रिप्रा ष्ठांटुवार्षा णंकिव योखाधाशम् । अचङ्गोषी णाकिमाकवावा शकिन्त वाखाणीःप्ल। वानावसा नोटुवारू णोकिन सीखान्धूःप्ल। ओकहा ओटाहाकओ हाटाइ याटाओटहातएत। वीरत्न धाकीदयते वापीरी याखा। णात्रइश॥ ३६ ॥