| Global # |
ऋषिः (Rishi) |
देवता (Devata) |
छन्दः (Chandas) |
| 522 |
सप्तर्षयः |
पवमानः सोमः |
बृहती |
॥ सप्तर्षयः पवमानः सोमः बृहती ॥
प्र᳸तूद्रा᳒वापा᳒रीकोश᳒न्नीषी॑दा । नृभीः॑पूनानोआभीवाज॑मर्ष॑ । अश्वन्न᳹त्वा॑वाजीन॑र्म्म॑र्जयन्ते । अच्छा॑बर्ही᳹रा॑शाना᳒भिर्न्न॑यन्ते ॥ १ ॥
ओ ईचाप्रा तूफाइ हाताओ द्र वा पा री कोकूशा न्नी षीखिदाश। ओ ईचानृ भीफारि हाकाओ पु ना नोकीआ भी वाकिज माखार्षश। ओ आचाश्वाफइ हाताओ न त्वा वाटीजी न म्माकिर्ज याखान्ता इशा। ओ आचाच्छाफइ हाताओ बकार्हा इ राकिश ना भापिइ र्न्ना याखि। न्तात्रइश ॥१॥ हा ओकाहाफउ हु वा ओखिहाण। प्रा तु द्र वाषीपा री कोकिशा न्नि षीखिदाश। नृ भिः पु ना नोटुआ भी वाकिज माखार्षाश। अ श्व न्न त्वा वाटुजी न म्माकिर्ज याखान्ता इशा। हा ओकाहाफउ हु वा ओखिहाण। अ च्छा बकिर्हा इ राकिश ना भापिइ र्न्ना याखि। न्तात्रइश ॥२॥ प्रा तूता। द्रा वा प रि कोषुशा न्नि षीटिदाथ। नृ भिः पु ना नोटुआ भी वाकिज माखार्षाण। अ श्व न्न त्वाषीवा जि न म्मा र्ज याटून्तातइश। अ च्छा बकिर्हा इ राकिश ना भापिइ र्न्ना याखि। न्तात्रइश ॥३॥
| Global # |
ऋषिः (Rishi) |
देवता (Devata) |
छन्दः (Chandas) |
| 522 |
सप्तर्षयः |
पवमानः सोमः |
बृहती |
प्र᳸तूद्रा᳒वापा᳒रीकोश᳒न्नीषी॑दा । नृभीः॑पूनानोआभीवाज॑मर्ष॑ । अश्वन्न᳹त्वा॑वाजीन॑र्म्म॑र्जयन्ते । अच्छा॑बर्ही᳹रा॑शाना᳒भिर्न्न॑यन्ते ॥ १ ॥
प्र त्वेकाप्र तुता। द्रा वा द्र वाषीपा री कोकिशा न्नी षीखिदाश। नृ भि रेतिनृ भीःताव पू ना पु ना नोटुआ भी वाकिज माखार्षाश। अ श्व मेतिअ श्वाताम् । न त्वा न त्वा वाटुजी न म्माकिर्ज याखान्ता इशा। अ च्छ येतिअ च्छाता। ब र्हा बकिर्हा इ राकिश ना भापिभा इ र्न्ना याखि। न्तात्रइश ॥४॥ प्र तू द्राति। वा प रि कोषीशा न्नी षीटूदातसा इ दाकि। श बु होकाच्औकहो वाका। नृ भिः पु ना नोषुअ भी वा ज माटुर्षातआ र्षाकाबु होकाच्औकहो वाका। अ श्व न्न त्वा वाषुजि न म्मा र्ज याटुन्तातइशय न्ताकाबु होकाच्औकहो वाका। अ च्छा बकिर्हा इ राकिश ना भिटिर्न्ना याकाएखहि या हाप्लिउ वाशा। न्ताखइश ॥५॥
| Global # |
ऋषिः (Rishi) |
देवता (Devata) |
छन्दः (Chandas) |
| 523 |
सप्तर्षयः |
पवमानः सोमः |
बृहती |
॥ सप्तर्षयः पवमानः सोमः बृहती ॥ ॥ सप्तर्षयः पवमानः सोमः बृहती ॥
प्राकाव्यामूशानेवब्रूवाणः । देवोदेवानाञ्जनीमाविवक्ति । माहीव्रातश्शूचीबन्धुःपावाकाः । पादावाराहोअभ्येतीरेभन् ॥ २ ॥
प्राकका व्याटाच्मू श ने वाभीब्रू वाटाणाःत। दे वो दे वाटीना न्ज नि माटीच्वि वाटाक्तीत। मा हि व्रा ताटीच्श्शु छी बा न्धूःभीपा वाटाकाःत। पा दा वा राटीहो अ भि याटीइ ति राखिऔ हो वाशि। भाखन् ॥६॥ प्र का व्याटिच्मू श ने वाभीब्रू वा णाःटि। दे वो दे वाटीना न्ज नि माटीच्वि वा क्तिटि। मा हि व्रा ताटीश्शु चि बा न्धूःभीपा वा काःटि। पा दा वा राटीहोटभि याखाऔ हो वाशि। ती रेटाभाखन् ॥७॥ प्र का व्या मु श नेचूवा ब्रूशावा णोकादेखवोश। दे वा नाचिन्ज निचामाकवी वा क्तिकिमाखहीश। वृ त श्शु ची ब न्धूःथूप वा काःकिपाखदाश। व रा होचिअ भ्येकाति राटाहा उ वाति। भाखन् । ॥८॥ हा बु हातिबू हूचाप्रा क व्याकिमू श ने वाकीब्रु वाखाणाःप्ल। देकवो दे वा नाटीन्ज नी माकिवि वाखाक्तिश। मा हि व्रा ताकीश्शु चि बा न्धूःकीपा वाखाकाःप्ल। हा बु हातिबू हूचा। पाचदाकव रा होटिअ भि यापिइ ति राखिइश। भात्रन् ॥९॥
| Global # |
ऋषिः (Rishi) |
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छन्दः (Chandas) |
| 524 |
सप्तर्षयः |
पवमानः सोमः |
बृहती |
॥ सप्तर्षयः पवमानः सोमः बृहती ॥ ॥ सप्तर्षयः पवमानः सोमः बृहती ॥
तिस्रोवाचा॑ईरयातीप्रा᳒वह्रीः । ऋतस्या॑धीतिंब्रह्मा॑णोमानीषाम् । गावो॑यन्तीगो᳒पातिंपृच्छामानाः । सो᳒मंयन्तिमा᳒ता᳒यो॑वावाशानाः᳒ ॥ ३ ॥
हो येटाहो वाटाहातहोतइशति स्रो वा चा ईटुरा याकाति प्र वाखिन्हीःप्ल। ओ हाणाफ्होखहा ओ हाशि। ऋ त स्य धा इ तींटूब्रा ह्मा णोकिमा नीखाषाशम् । आ हाकाहो इ आकिहा हाकाच्हाकहोचइश। गाकवो य न्ता इ गोटुपा ति म्पाकिर्च्छा माखानाःप्ल। इ हाकाहो इ ईकिहा हाकाच्हाकहोचइश। सोकम य्य न्ता इ माकुत यो वापिवा शाखा। नाःत्र ॥१०॥ हो इ याटिहोचइशति स्रो वा चा ईटुरा याकाति प्र वाखिन्हीःप्ल। ओ हाणाफ्होखहा ओ हाशि। ऋ त स्य धा इ तींटूब्रा ह्मा णोकिमा नीखाषाशम् । आ हाकाहो इ आकिहा हाकाच्हाकहोचइश। गाकवो य न्ता इ गोटुपा ति म्पाकिर्च्छा माखानाःप्ल। इ हाकाहो इ ईकिहा हाकाच्हाकहोचइश। सोकम य्य न्ता इ माकुत यो वापिवा शाखा। नाःत्र ॥११॥ हाकहो इ याटिहोकच्इशति स्रो वा चा ईटुरा याकाति प्र वाखिन्हीःप्ल। ओ हाणाफ्होखहा ओ हाशि। ऋ त स्य धा इ तींटूब्रा ह्मा णोकिमा नीखाषाशम् । आ हाकाहो इ आकिहा हाकाच्हाकहोचइश। गाकवो य न्ता इ गोटुपा ति म्पाकिर्च्छा माखानाःप्ल। इ हाकाहो इ ईकिहा हाकाच्हाकहोचइश। सोकम य्य न्ता इ माकुत यो वापिवा शाखा। नाःत्र ॥१२॥
| Global # |
ऋषिः (Rishi) |
देवता (Devata) |
छन्दः (Chandas) |
| 525 |
उशना काव्यः |
पवमानः सोमः |
त्रिष्टुप् |
॥ उशना काव्यः पवमानः सोमः त्रिष्टुप् ॥
अस्य᳒प्रेषा᳒हेमा᳹ना॑पूया᳒मा॑नः । देवो᳒देवे᳒भिस्सा᳒मा॑पृक्तारा᳒स॑म् । सू᳒तःपा᳹वित्रंपर्येतीरे᳒भ॑न् । मीतेवासा᳒द्मा॑पाशूम॑न्तीहो᳒ता॑ ॥ ४ ॥
हो इ या ईकीहो इ या औटीहो इ याकिच्ति स्रो वा चा ईटुरा याकाति प्र वाखिन्हीःप्ल। ओ हाणाफ्होखहा ओ हाशि। ऋ त स्य धा इ तींटूब्रा ह्मा णोकिमा नीखाषाशम् । आ हाकाहो इ आकिहा हाकाच्हाकहोचइश। गाकवो य न्ता इ गोटुपा ति म्पाकिर्च्छा माखानाःप्ल। इ हाकाहो इ ईकिहा हाकाच्हाकहोचइश। सोकम य्य न्ता इ माकुत यो वापिवा शाखा। नाःत्र ॥१३॥ हो इ हा ईकीहो इ हा औटीहो इ हाकिच्ति स्रो वा चा ईटुरा याकाति प्र वाखिन्हीःप्ल। ओ हाणाफ्होखहा ओ हाशि। ऋ त स्य धा इ तींटूब्रा ह्मा णोकिमा नीखाषाशम् । आ हाकाहो इ आकिहा हाकाच्हाकहोचइश। गाकवो य न्ता इ गोटुपा ति म्पाकिर्च्छा माखानाःप्ल। इ हाकाहो इ ईकिहा हाकाच्हाकहोचइश। सोकम य्य न्ता इ माकुत यो वापिवा शाखा। नाःत्र ॥१४॥
| Global # |
ऋषिः (Rishi) |
देवता (Devata) |
छन्दः (Chandas) |
| 526 |
वृषगणो वासिष्ठः |
पवमानः सोमः |
त्रिष्टुप् |
॥ वृषगणो वासिष्ठः पवमानः सोमः त्रिष्टुप् ॥
अक्रा᳒न्सामुद्रः᳹प्रा॑थामे᳒वि᳒ध᳒र्म्म॑न् । जना᳹य॑न्प्राजा᳒भु᳒वानास्यागोपाः᳒ । वृषा॑पावी᳒त्रेआ᳒धीसा᳒नोअव्ये॑ । बृ᳒ह᳒त्सो᳒मो॑वावृधेस्वानो᳒अ᳒द्रीः ॥ ५ ॥
ई होचाई हाफाइ हो इ हातीहो वाकाच्हो इफहाण। ति स्रो वा चा ईटुरा याकाति प्र वाखिन्हीःप्ल। ओ हाणाफ्होखहा ओ हाशि। ऋ त स्य धा इ तींटूब्रा ह्मा णोकिमा नीखाषाशम् । आ हाकाहो इ आकिहा हाकाच्हाकहोचइश। गाकवो य न्ता इ गोटुपा ति म्पाकिर्च्छा माखानाःप्ल। इ हाकाहो इ ईकिहा हाकाच्हाकहोचइश। सोकम य्य न्ता इ माकुत यो वापिवा शाखा। नाःत्र ॥१५॥ इ हा उ वाटीइखहा इ हाप्लिङ्ति स्रो वा चा ईटुरा याकाति प्र वाखिन्हीःप्ल। ओ हाणाफ्होखहा ओ हाशि। ऋ त स्य धा इ तींटूब्रा ह्मा णोकिमा नीखाषाशम् । आ हाकाहो इ आकिहा हाकाच्हाकहोचइश। गाकवो य न्ता इ गोटुपा ति म्पाकिर्च्छा माखानाःप्ल। इ हाकाहो इ ईकिहा हाकाच्हाकहोचइश। सोकम य्य न्ता इ माकुत यो वापिवा शाखा। नाःत्र ॥१६॥
| Global # |
ऋषिः (Rishi) |
देवता (Devata) |
छन्दः (Chandas) |
| 526 |
वृषगणो वासिष्ठः |
पवमानः सोमः |
त्रिष्टुप् |
अक्रा᳒न्सामुद्रः᳹प्रा॑थामे᳒वि᳒ध᳒र्म्म॑न् । जना᳹य॑न्प्राजा᳒भु᳒वानास्यागोपाः᳒ । वृषा॑पावी᳒त्रेआ᳒धीसा᳒नोअव्ये॑ । बृ᳒ह᳒त्सो᳒मो॑वावृधेस्वानो᳒अ᳒द्रीः ॥ ५ ॥
इ हाकाउ वाताइ हा उ वाटीइ हाकाउ वात्रईखहा ईप्लाहाङ। ति स्रो वा चा ईटुरा याकाति प्र वाखिन्हीःप्ल। ओ हाणाफ्होखहा ओ हाशि। ऋ त स्य धा इ तींटूब्रा ह्मा णोकिमा नीखाषाशम् । आ हाकाहो इ आकिहा हाकाच्हाकहोचइश। गाकवो य न्ता इ गोटुपा ति म्पाकिर्च्छा माखानाःप्ल। इ हाकाहो इ ईकिहा हाकाच्हाकहोचइश। सोकम य्य न्ता इ माकुत यो वापिवा शाखा। नाःत्र ॥१७॥ ईखहा हा ईप्लहाङति स्रो वा चा ईटुरा याकाति प्र वाखिन्हीःप्ल। ओ हाणाफ्होखहा ओ हाशि। ऋ त स्य धा इ तींटूब्रा ह्मा णोकिमा नीखाषाशम् । आ हाकाहो इ आकिहा हाकाच्हाकहोचइश। गाकवो य न्ता इ गोटुपा ति म्पाकिर्च्छा माखानाःप्ल। इ हाकाहो इ ईकिहा हाकाच्हाकहोचइश। सोकम य्य न्ता इ माकुत यो वापिवा शाखा। नाःत्र ॥१८॥
| Global # |
ऋषिः (Rishi) |
देवता (Devata) |
छन्दः (Chandas) |
| 527 |
पराशरः शाक्त्यः |
पवमानः सोमः |
त्रिष्टुप् |
| 528 |
वसिष्ठो मैत्रावरुणिः |
पवमानः सोमः |
त्रिष्टुप् |
॥ पराशरः शाक्त्यः पवमानः सोमः त्रिष्टुप् ॥ ॥ वसिष्ठो मैत्रावरुणिः पवमानः सोमः त्रिष्टुप् ॥
का᳒नी॑क्रन्तीहा᳒री᳸रासृज्या᳒मा॑नः । सी᳒दन्वा᳒ना॑स्याजठा॑रेपूनानः । नृभी᳹रीयाताःकृणुतेनिर्न्नी॑जङ्गाम् । आ᳸तो॑मातीञ्जनायातास्वाधा᳒भिः ॥ ६ ॥
ए᳒षस्या᳒तेमा᳒धू॑मंइन्द्रासोमाः॑ । वृ᳒षावृष्णःपा᳹री॑पावीत्रे॑क्षाः । साहास्रादश्शा॑तादा᳹भु᳒रीदावा॑ । शश्वक्तामं᳒बर्ही᳒रावाज्यास्थात् ॥ ७ ॥
ओ औकाहोखऔ होफावातहातच्। ति स्रो वा चा ईटुरा याकाति प्र वाखिन्हीःप्ल। ओ हाणाफ्होखहा ओ हाशि। ऋ त स्य धा इ तींटूब्रा ह्मा णोकिमा नीखाषाशम् । आ हाकाहो इ आकिहा हाकाच्हाकहोचइश। गाकवो य न्ता इ गोटुपा ति म्पाकिर्च्छा माखानाःप्ल। इ हाकाहो इ ईकिहा हाकाच्हाकहोचइश। सोकम य्य न्ता इ माकुत यो वापिवा शाखा। नाःत्र ॥१९॥ ओ औ होटिच्औकहोखऔ होफाऔ होफावातहातहातचइशति स्रो वा चा ईटुरा याकाति प्र वाखिन्हीःप्ल। ओ हाणाफ्होखहा ओ हाशि। ऋ त स्य धा इ तींटूब्रा ह्मा णोकिमा नीखाषाशम् । आ हाकाहो इ आकिहा हाकाच्हाकहोचण इश। गाकवो य न्ता इ गोटुपा ति म्पाकिर्च्छा माखानाःप्ल। इ हाकाहो इ ईकिहा हाकाच्हाकहोचइश। सोकम य्य न्ता इ माकुत यो वापिवा शाखा। नाःत्र ॥२०॥
| Global # |
ऋषिः (Rishi) |
देवता (Devata) |
छन्दः (Chandas) |
| 529 |
पराशरः शाक्त्यः |
पवमानः सोमः |
त्रिष्टुप् |
| 530 |
प्रस्कण्वः काण्वः |
पवमानः सोमः |
त्रिष्टुप् |
| 531 |
उशना काव्यः |
पवमानः सोमः |
त्रिष्टुप् |
॥ पराशरः शाक्त्यः पवमानः सोमः त्रिष्टुप् ॥ ॥ प्रस्कण्वः काण्वः पवमानः सोमः त्रिष्टुप् ॥ ॥ उशना काव्यः पवमानः सोमः त्रिष्टुप् ॥
पा᳒वा॑स्वसो᳒मामाधूमंऋता᳒वा । आपो᳹वा ᳹सा॑नोआ᳒धीसा᳒नोअ᳒व्ये॑ । आ᳒वद्रो᳒णानीघृता᳒व᳸न्तीरोहा । मादिन्ता᳸मोमत्सारा᳹इन्द्रा॑पानाः ॥ ८ ॥
सो᳒माःपवतेज᳹नीता᳒मा᳹तीनां । जनीता᳒दीवोज॑नीता᳹पृ॑थिव्याः॑ । जनीता॑ग्ने॑र्जनीतासूर्या॑स्या । जनीते᳒न्द्रा॑स्याजनीतोतवी᳒ष्णोः॑ ॥ ९ ॥
आ᳒भित्रीपृष्ठंवृ᳒षाणं॑वायोधाम् । अ᳸ङ्गोषीणा᳹मवावाशन्तावाणीः । वानावसा॑नोवा᳹रू॑णोनसी᳒न्धूः । वीरात्ना᳒धा᳒द᳒यातेवा᳒र्याणि ॥ १० ॥
अ स्याखाऔकहो वाथा। प्रे षा हेटिमा ना पूकिय माखानाःप्ल। दे वोखाऔकहो वाथा। दे वा इ भीटीस्सा मा पृकिक्त राखासशम् । सु ताखाऔकहो वाथा। प वा इ त्रांटीपा री येकिति रेखाभशन् । मि ताखाऔकहो वाथा। व सा द्माभिपा शु मकिन्ति होखाताश। प शु मापिन्ति होखा। तात्र ॥२१॥ उ हु वा य स्याखुऔकहो वाथा। प्रे षा हेटिमा ना पूकिय माखानाःप्ल। उ हु वा दे वोखुऔकहो वाथा। दे वा इ भीटीस्सा मा पृकिक्त राखासशम् । उ हु वा सु ताखुऔकहो वाथा। प वा इ त्रांटीपा री येकिति रेखाभशन् । उ हु वा मि ताखुऔकहो वाथा। व सा द्माभिपा शु मकिन्ति होखाताश। प शु मापिन्ति होखा। तात्र ॥२२॥ हा उ हु वा य स्याखुऔकहो वाथा। प्रे षा हेटिमा ना पूकिय माखानाःप्ल। हा उ हु वा दे वोखूऔकहो वाथादे वा इ भीटीस्सा मा पृकिक्त राखासशम् । हा उ हु वा सु ताखूऔकहो वाथा। प वा इ त्रांटीपा री येकिति रेखाभशन् । हा उ हु वा मि ताखूऔकहो वाथा। व सा द्माभिपा शु मकिन्ति होखाताश। प शु मापिन्ति होखा। तात्र ॥२३॥ हा यौ हो वा य स्याखूऔकहो वाथा। प्रे षा हेटिमा ना पूकिय माखानाःप्ल। हा यौ हो वा इषुदे वोखाऔकहो वाथा। दे वा इ भीटीस्सा मा पृकिक्त राखासशम् । हा यौ हो वा इषुसु ताखाऔकहो वाथा। प वा इ त्रांटीपा री येकिति रेखाभशन् । हा यौ हो वा इषुमि ताखाऔकहो वाथा। व सा द्माभिपा शु मकिन्ति होखाताश। प शु मापिन्ति होखा। तात्र ॥२४॥ हा हा यौ हो वाषुय स्याखाऔकहो वाथा। प्रे षा हेटिमा ना पूकिय माखानाःप्ल। हा हा यौ हो वा इषूदे वोखाऔकहो वाथा। दे वा इ भीटीस्सा मा पृकिक्त राखासशम् । हा हा यौ हो वा इषूसु ताखाऔकहो वाथा। प वा इ त्रांटीपा री येकिति रेखाभशन् । हा हा यौ हो वा इषूमि ताखाऔकहो वाथा। व सा द्माभिपा शु मकिन्ति होखाताश। प शु मापिन्ति होखा। तात्र ॥२५॥ औटहोकव हाथाहो ईटाहाकथ्। अ स्य प्रे षा हेटुमा ना पूकिय माखानाःप्ल। दे वो दे वा इ भीटूस्सा मा पृकिक्त राखासशम् । सू तः प वा इ त्रांटूपा री येकिती रेखाभशन् । औटहोकव हाथाहो ईटाहाकथ्। मी ते व सा द्माटुपा शू मापिन्ति होखा। तात्र ॥२६॥
| Global # |
ऋषिः (Rishi) |
देवता (Devata) |
छन्दः (Chandas) |
| 531 |
उशना काव्यः |
पवमानः सोमः |
त्रिष्टुप् |
आ᳒भित्रीपृष्ठंवृ᳒षाणं॑वायोधाम् । अ᳸ङ्गोषीणा᳹मवावाशन्तावाणीः । वानावसा॑नोवा᳹रू॑णोनसी᳒न्धूः । वीरात्ना᳒धा᳒द᳒यातेवा᳒र्याणि ॥ १० ॥
हो हो अ क्राटीन्साचमु द्राःचाप्र था मेचिवि ध र्म्माशिन् । हो हो इकिज न यकिन्प्रा जाकाभु व न स्य गोकुपाःच। हो हो इ वृ षाटुच्पा वि त्रेटिच्आ धि सा नोभिअ व्याचाइश। हो हो इकिबृ ह त्सो मो वाटुवृकधे स्वाथानो अ द्राटियौटहो वाताहा उ वाति। एतच्स्वाकनो अ द्रीःटिख् ॥२७॥
| Global # |
ऋषिः (Rishi) |
देवता (Devata) |
छन्दः (Chandas) |
| 531 |
उशना काव्यः |
पवमानः सोमः |
त्रिष्टुप् |
आ᳒भित्रीपृष्ठंवृ᳒षाणं॑वायोधाम् । अ᳸ङ्गोषीणा᳹मवावाशन्तावाणीः । वानावसा॑नोवा᳹रू॑णोनसी᳒न्धूः । वीरात्ना᳒धा᳒द᳒यातेवा᳒र्याणि ॥ १० ॥
का नीता। क्र न्तीटाक्र न्तीटाह रीकाराथसृ ज्य माटिना साखाइ दणान् । वा नाटावा नाटास्य ज ठ रेकीपू नाटानो नृखाभीःण। या ताटाया ताःटाकृ णूकाते निथार्न्नि जांटागा माखाताःण। मा तिटाम्मा तिटान्ज नकाय ता स्वाटिधाखऔ हो वाशि। भीःख ॥२८॥ क नि क्र न्ती हाफूहोतइ ह रि रा सृफुज्य माखानाःप्ल। हातहो इ सी द न्व न स्यषूज ठ रेकिपू नाटानाःत। हातहो इ नृ भि र्य तःषूकृ णु तेकिनि र्न्नि जाटिङ्गात। हातहो अ तो म ता इषूज न य ता स्वाटुट्धाखऔ हो वाशि। भीःख ॥२९॥
| Global # |
ऋषिः (Rishi) |
देवता (Devata) |
छन्दः (Chandas) |
| 531 |
उशना काव्यः |
पवमानः सोमः |
त्रिष्टुप् |
आ᳒भित्रीपृष्ठंवृ᳒षाणं॑वायोधाम् । अ᳸ङ्गोषीणा᳹मवावाशन्तावाणीः । वानावसा॑नोवा᳹रू॑णोनसी᳒न्धूः । वीरात्ना᳒धा᳒द᳒यातेवा᳒र्याणि ॥ १० ॥
ए षा ए षाःती। स्य ताताओपइ म धू मं इ न्द्रषूसो मो वृ षा वृ षातूएत। वृ ष्णाताओःपप रि प वि त्रेषुअ क्षा स्स हा सा हातूएत। स्र दाताओपश्श त दा भू रिषुदा वा श श्व च्छ श्वातूदेत। त माताओंपब र्हि रा वा ज्येषुहि या हाप्लिउ वाशा। स्थाखत् ॥३०॥
| Global # |
ऋषिः (Rishi) |
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छन्दः (Chandas) |
| 531 |
उशना काव्यः |
पवमानः सोमः |
त्रिष्टुप् |
आ᳒भित्रीपृष्ठंवृ᳒षाणं॑वायोधाम् । अ᳸ङ्गोषीणा᳹मवावाशन्तावाणीः । वानावसा॑नोवा᳹रू॑णोनसी᳒न्धूः । वीरात्ना᳒धा᳒द᳒यातेवा᳒र्याणि ॥ १० ॥
हा ओखाहाण। इ हाताओचपाकव स्व सो माटीमा धू मंकिॠ ताखावाश। आ पो व सा नोटुआ धी साकिनोखअ व्या इशि। आ व द्रो णा नीटुघा र्क्ता वकिन्ती रोखाहाश। हा ओखाहाण। इ हाताओचमकदि न्त मो माटीत्स र यापिइ न्द्रा पाखि। नाःत्र ॥३१॥
| Global # |
ऋषिः (Rishi) |
देवता (Devata) |
छन्दः (Chandas) |
| 531 |
उशना काव्यः |
पवमानः सोमः |
त्रिष्टुप् |
आ᳒भित्रीपृष्ठंवृ᳒षाणं॑वायोधाम् । अ᳸ङ्गोषीणा᳹मवावाशन्तावाणीः । वानावसा॑नोवा᳹रू॑णोनसी᳒न्धूः । वीरात्ना᳒धा᳒द᳒यातेवा᳒र्याणि ॥ १० ॥
सो मः प व तेचुज नि ताकिच्मा ताकाइ नाटाम् । ज नि तातिदी वोचाज नी ताकिच्पृ थाकाइ व्याःटा। ज नि ता ग्नेषीर्ज नि ता सूकीरी याटायातस्या । ज नि तेकिन्द्रा स्याटाज नि तोपिता वाखाइश। ष्णोःत्र ॥३२॥ सो मः प व तेषुज नि ता एतीऔ होखावात्र। मा तापइशनात्रम् । ज नि ताकिदी वोकाज नी ताकिप्र थि व्याःचि। ज नाटाइ ताखाग्नेःण। ज नि ता सूखीरी याखास्यात्र। ज नि तेकिन्द्रा स्य ज नि तोकुत वि ष्णोःटिख् ॥३३॥ हा बु ज न द्धा बु ज न द्धा बु ज नषोज्ज न द्धा बु ज न द्धा बु ज न द्धातोबुशहो इ ज न द्धो इषूज न द्धो इ ज नाचूत् । सोकमः प वा तेटीजा नी तोकिम तीखानाशम् । ज नि ताकिदा इ वोटिजा नी ताकिपृ थीखाव्याःप्ल। ज नि ताकिग्ना इ र्जकिनि ता सूकिर्याखस्याश। हा बु ज न द्धा बु ज न द्धा बु ज नषोज्ज न द्धा बु ज न द्धा बु ज न द्धातोबुश। हो इ ज न द्धो इषूज न द्धो इ ज नाचूत् । ज नि तेकिन्द्रा स्याटाजा नी तोपिता वाखाइश। ष्णोःत्र ॥३४॥ ज न द्धा बु ज न द्धा बु ज न द्धा बुषौज न दा बु ज न दा बु ज न दातोबुशज न द्धो इ ज नषूद्धो इ ज न द्धोचुइश। सोकमः प वा तेटीजा नी ताकिम तीखानाशम् । ज नि ताकिदा इ वोटिजा नी ताकिपृ थीखाव्याःप्ल। ज नि ताकिग्ना इ र्जकिनि ता सूकिर्याखस्याश। ज न द्धा बु ज न द्धा बु ज न द्धा बुषौज न दा बु ज न दा बु ज न दातोबुश। ज न द्धो इ ज नषूद्धो इ ज न द्धोचुइश। ज नि तेकिन्द्रा स्याटाजा नी तोपिता वाखाइश। ष्णोःत्र ॥३५॥
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ऋषिः (Rishi) |
देवता (Devata) |
छन्दः (Chandas) |
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उशना काव्यः |
पवमानः सोमः |
त्रिष्टुप् |
आ᳒भित्रीपृष्ठंवृ᳒षाणं॑वायोधाम् । अ᳸ङ्गोषीणा᳹मवावाशन्तावाणीः । वानावसा॑नोवा᳹रू॑णोनसी᳒न्धूः । वीरात्ना᳒धा᳒द᳒यातेवा᳒र्याणि ॥ १० ॥
ओकहा ओटाहाकओ हाटाइ याटाओटहातएत। आ भि त्रि प्रा ष्ठांटुवा र्षा णंकिव योखाधाशम् । अचङ्गो षी णाकिमाकवा वा शकिन्त वाखाणीःप्ल। वा ना व सा नोटुवा रू णोकिन सीखान्धूःप्ल। ओकहा ओटाहाकओ हाटाइ याटाओटहातएत। वी र त्न धाकीद य ते वापीरी याखा। णात्रइश ॥३६॥