इदा मेति। वि ष्णूटार्विचा क्राखिमाणइश। त्राइ धाचिनि दकाधाचइ पायादांटस मूटाहोयढाटमात। स्याटपाखऔहो वाशि। एंतसू लेताच्॥ ३६ ॥
हाबु हाबु हातुबुश। ऊटऊटऊउ वाटिहाउ वातिहाचस् । आतहाचस् । अर्चिशोचिस्तपोहरः प्रष्लक्षस्य विष्णो अरूषस्य नू माटेहाःत। प्रानूवोचो वि दषूथा जातवे दाटुसातइश। वैश्वानराय मषूति र्नव्यसे शूटुचीःत। सोम इव प वषूते चारुर ग्नाटुयातइश। हाबु हाबु हातुबुश। ऊटऊटऊउ वाटिहाउ वातिहाचस् । आतहाचस् । अर्चिशोचिस्त पोषूह रोटाहाउ वाति। ईख॥ ३७ ॥
अ स्मीकान स्मीथाअ स्मीकान स्मीथाअ स्मीकान स्मीथान् । नृ म्णाकाइन्नृ म्णंचि। नृ म्णाकाइन्नृ म्णंचि। नृ म्णाकाइन्नृ म्णंचि। नीधाइ माटीहाट। नीधाइ माटीहाट। नीधाइ माटीहाट। अ ग्नाकाआ याथाही वाकाइ तायायाटइश। गुणा नो हाचीव्या दाकाताययाटइश। नीहोता साचीत्सी बाकार्हायइ षीटा। अ स्मीकान स्मीथाअ स्मीकान स्मीथाअ स्मीकान स्मीथान् । नृ म्णाकाइन्नृ म्णंचि। नृ म्णाकाइन्नृ म्णंचि। नृ म्णाकाइन्नृ म्णंचि। नीधाइ माटीहाट। नीधाइ माटीहाट। नीधाइ माटीहाखओहो वाशि। एतस्व र्ज्योटातीःख॥ ३८ ॥