1.3.1 ॥ भारद्वाजञ्च ॥ पावकानई यातू। सा राचास्वायतीट। वा जेचाभि र्वाथाच्जी नाकाइ वायातीट। यज्ञां वाटिट्ष्टूखऔहो वाशि। धि यातावाटसूःख॥ ११ ॥ 🎵 Audio missing