॥ अहोरात्रयोर्व्रतम् ॥
होटवाइ होटिवाइ होटिवा इशा। आप्रा गाकित्भ द्राकायुवा तीकिर्होटवाइ होटिवाइ होटिवा इशा। अन्हः के तुकीन्समीप्स तीकीर्होटवाइ होटिवाइ होटिवा इशा। अ भूकात्भ द्राकानि वेकाश नीकार्होटवाइ होटिवाइ होटिवा इशा। विश्वा स्याकिजग तोकिरा त्रिकाहोंटवाइ होटिवाइ होटिवाखओहो वाशि। ईख॥ १०२ ॥
🎵
Audio missing