खण्ड: 16 - सम्पूर्णम्

॥ अहोरात्रयोर्व्रतम् ॥
होवाइ होटिवाइ होटिवा शा आप्रा गाकित्भ द्राकायुवा तीकिर्होवाइ होटिवाइ होटिवा शा अन्हः के तुकीन्समीप्स तीकीर्होवाइ होटिवाइ होटिवा शा  भूकात्भ द्राकानि वेका नीकार्होवाइ होटिवाइ होटिवा शा विश्वा स्याकिजग तोकिरा त्रिकाहोंवाइ होटिवाइ होटिवाओहो वाशि ॥ १०२ ॥ 
🎵 Audio missing