इहियौहो वाटुच्। इहियौहो वाटुच्। इहियौहो वाटुच्। पुषरुषएवेदं साटूर्वातम् । यषत्भूतयश्च भा वाटूयातम् । पाषदोस्यसर्वाभू ताटूनीत। त्रिषपादस्यामृत न्दाटूइ वीता। इहियौहो वाटुच्। इहियौहो वाटुच्। इहियौ होटीट्वाखऔहो वाशि। । इहियौहो वाटुच्। इहियौहो वाटुच्। इहियौ होटीट्वाखऔहो वाशि। ईखळाण। इहियौहो वाटुच्। इहियौहो वाटुच्। इहियौ होटीट्वाखऔहो वाशि। ज्योखतीःण। इहियौहो वाटुच्। इहियौहो वाटुच्। इहियौ होटीट्वाखऔहो वाशि। ईख॥ १३५ ॥
ओभित्वा शूर नोकूनू मोचावाश। आदुग्धा इव धेनव ई शाषैनमस्य जग ताकूस्सु वाटादृ शाताम् । ईकशान मापिइ न्द्राशा। ता स्थूटाटट्षा ओ वाचिहा उ वाकि। आचस् ॥ १३६ ॥
काणयाफन श्चाफाइ त्राखायाभु वाशित् । ऊ तीकास्सा दाकावृधस्सखा औकुहो हाताइक याटिश चाताइश। ष्ठयौ होतिहि म्माटावाटर्तोख। हात्रइश॥ १३७ ॥ काणस्त्वाफस त्योफामाखदा नाशाम् । मंहि ष्ठोकिमत्स दकीन्धसा औकिहो हाताइदृ ढाटिचि दाता। रूजौ होतिहि म्माटा। वाटसोख। हात्रइश॥ १३८ ॥ आणभीफषू णाफास्साखखी नाशाम् । अवि ताकिजराइ तृकीणामा औकिहो हाताईशा तांटिभ वाता। सियौ होतिहि म्माटा। ताटयोख। हात्रइश॥ १३९ ॥
औहोइ त्वामि द्धीषूहवाम हातीएत। सातौ वाजास्या काकुराखवाःण। तू वापाऔकहो वाथा। वृत्राइषु वाषुवा इन्द्रा साटीओ त्पाति न्नाखराःण। तूवङ्का ष्ठापीऔकहो वाथा। सूटव र्वाखाता हो वाशिहा उ वातिहाचस् ॥ १४० ॥
सपूर्व्योमहो नातूमेत। वेनाः क्राचितूकभाइराना जेटुहातहा औटाहोतवा आटाइ हीता। य स्याकाद्वा राथामानूःपी ताटीहातहा औटाहोतवा आटाइ हीता। दा इवाइ षूटुहातहा औटाहोतवा आटाइ हीता। धी याकाआ नाटाट्जाखऔहो वाशि। म धूताश्च्यू ताःटाख्॥ १४१ ॥
ओतहाइदधि क्राषूविण्णोअकार्षा मोतूहातइश। ओतहाइजि ष्णोषीरश्वस्यवाजि नाटूओ हाचाइश। सु राकाभी नोकामुखा काटिरातत् । प्र णाटाच्होयआ यूंटाहोयषीता राटिइ षाखाण्त् । ओपइ ळाशा॥ १४२ ॥
हाबु हाषिबु हा वोहा ओ हाकाओ हाका। इ याटाइ याटाइ याटा। औकहोटच्औकहोटच्औकहोटच्इश। भू वदि ळाकीस्वा दिष्ठ याकीमा दिष्ठ याचीजनदि ळाचा। पावास्व सोचीमा धाकार याचावृधदि ळाची। इन्द्राय पाचीता वाकाइ सूचाताःश। कारदि ळाची। इन्द्रा य पाचीता वाकाइ सूचाताःश। हाबु हाषिबु हा वोहा ओ हाकाओ हाका। इ याटाइ याटाइ याटा। औकहोटच्औकहोटच्औ होपाउहुवा हा उ वातू। एतच्धेचनुःश॥ १४३ ॥ इयो इ याचीइ योटाइ याकाईचयाश। अग्ने यूंक्ष्वा हीतुयेत वाःति। अग्ने यूक्ष्वा हीकुये त वाःचि। अग्नेयूंक्ष्वा हीतूये त वाःति। इयो इ याचीइ योटाइ याकाईचयाश। अश्वासो दे वातुसाध वाःति। अश्वा सो दे वाकुसाध वाःचि। अश्वा सो दे वातुसाध वाःति। इयो इ याचीइ योटाइ याकाईचयाश। आरंवह न्त्वीतुयाश वाःति। आरंवह न्तीकुयाश वाःचि। आरवह न्तीतुयाश वाःति। इयो इ याचीइ योटाइ याकाईचयाश। आटहाचस्श। एतप याःटाख्॥ १४४ ॥
प्रमित्राय प्रातुहातबुश। आटर्य म्नाचाइस चाटिहोकथ्धि यौटाहुवा र्ताटिव साचाबुश। व रौटाहोकथ्धी यौटाहूवा इषिवरूणेछा न्दीकुयंव चाःचि। स्तो त्रांटाहोइ राटिजौटहूवा सूकिगाया ताटिआउ वाटि। ऊखपाश॥ १४५ ॥ प्रमित्रायप्रौ होतूवात। अर्यम्णाबु होकुच्औकहो वाका। साचाथ्य मृकीता वाचासाबु होकिच्औकहो वाका। वारूथ्येवरू णेचूछकन्दीयं वाकिचाबु होकिच्औकहो वाका। स्तोकत्रं राकाजाबु होकिच्औहोवा । सूकगा याकाताबु होकिच्औकहो वाःपाण्। ओपइ ळाशा॥ १४६ ॥ प्रमित्रा यषीप्रार्य म्नोतिवा ओतावात। सा चाचाथ्य मृचाता वायासाटबुश। वाटरूतथाटयातइवरू णेकीच्छकन्दा यांटाहातइव चोटिआत। स्तोकत्रं राकाजसु गाचियत स्तोटित्रातम् । राकजचसूकगौटहोतओपबाया तोप्ल। हा इशा॥ १४७ ॥
तरत्स मातीन्दीतधा वायाताटइश। धा राटासूखताण। स्या न्धाटाट्साखऔहो वाशि। तारत्समन्दी धाकुव तीखी॥ १४८ ॥
एतोन्विन्द्रंस्त वातूमात। शुद्धंशु द्धेकीना साटाम्नात। शुद्धैरुक्थै र्वाकुवृ द्ध्वांटासातम् । शुद्धै राटिशीतर्वाचन्म माखाऔहो वाशि। तूख॥ १४९ ॥ एतोन्विन्द्रंस्त वातूमात। शुद्धंशु द्धेकीनाचसाकओ म्नाटा। शुद्धाइ रूभीक्थातइ र्वाचावृ द्ध्वांखासणम् । शुद्धै राटिशीतर्वाचन्मा माचातूइ ळाटिभाखण्। ओपइ ळाशा॥ १५० ॥
प्र । उ त्साच्यपर्ण ॥ १५१ ॥
औ होइ त्वमि न्द्रषीप्रतूर्त्ती षूतीएत। आभा इवा इ श्वाटूआकसि र्स्पाखादाःण। आषशस्तिहा जनि ताकूवृत्र तूटिर साताइश। तूव न्तूटिर्याततरौ होतिहि म्माटाष्याटतोखहाणइश॥ १५२ ॥
भा गाःता। नाचि त्रोषिअग्निर्म होटीनातन्दाटट्धाखऔहो वाशि। ती राटात्नाखम् ॥ १५३ ॥ भगोनचि त्राःतु। अग्निर्म होटीनातन्दाटट्धाखऔहो वाशि। एतच्ती राटात्नाखम् ॥ १५४ ॥
स्व यंचास्कु न्वाटाइश। स्व यंचास्कु न्वाटाइश। स्व यंचास्कु न्वाखाओहो वाशि। एतस्कुन्व एकिस्कुन्व एकिस्कु न्वाखाइश॥ १५५ ॥
अर्चतप्रार्च ताषूनाखराःप्ल। प्रियमे धाखीसो आचार्चा ताफा। अर्चन्तु पूखीत्रा काचाऊकताफ। पूकरमि द्धाटिष्णुवा र्चाखि। तात्र॥ १५६ ॥
गा याता। ओचन्ति त्वाताओपगा याप्लात्रातइ णाःता। अ र्चाताओचन्ति याताओपर्का माप्लार्कातइ णाःता। ब्र ह्माताओचण स्त्वाताओपशा ताप्लाक्राततातबुश। उ द्वाताओंचश माताओपव याप्लाइमि राप्लिइश। होप्लइ ळाशा॥ १५७ ॥ गायान्ति त्वोतीहाइगाया त्रीखुणाःण। अर्चन्त्यर्क मायुर्कीपणाःश। अर्चन्ती योखीहाशर्कमा र्कीखिणाःण। ब्रह्माणस्त्वाश तायूक्रापता बुशा। ब्रह्माण स्तोखीहा इशा। शता क्राखिताणबुश। उद्वंशमीव यायूइ मीपारेश। उद्व श मोखीहाणइश। वयाइ माखीणफप्ल्इश। राखइश॥ १५८ ॥ गायान्ति त्वाषीगायात्रिण यातु। अर्चन्त्यर्कम र्कटूइ णाःता। ब्रह्माण स्त्वाटीहोचइशशाता क्राटितातबुश। उद्वशमीव यायूइ मीपारेश। उद्वं शाखिमीण। व याटाउ वाता। उ प्माटाइ रोखा। हात्रइश॥ १५९ ॥
ई ळाकाइ ष्वापाहिप्रति व्याशिम् । याज स्वाकिजाता वेकिद साटाञ्चरिष्णुधू माखुमग्र भातिइश। ताटशोखऔहो वाशि। चीखषशम् ॥ १६० ॥
पा वाता। मानोअ जीकीजाखनाणत् । दी वाचाश्चि त्राचान्न्यतान्य तूशीम् । ज्योती र्वैकिश्वा नाटाराखऔहो वाशि। बृखहाशत् ॥ १६१ ॥ पवमा नाःती। अजाइ जापीनाशत् । दी वाचाश्चि त्रांटाहातहातइशना तकान्याखतूणम् । ज्योखतीशर्वाखइ श्वाणा। न रोप्लाबाबृ हाप्लित् । हा इशा॥ १६२ ॥
हाबु हाबु हातुबुश। अ हचाम न्नकाम हचाम न्नकाम हचाम न्नाका। दोचहम न्नाकिदोचहम न्नाकिदोचहम न्नाकि। दोचअहं वि धाकीर योचाअहं वि धाकीर योचाअहंवि धाकीर याःचा। हाबु हाबु हातुबुश। यद्व र्चोकिहिरण्या स्याकी। य द्वाचाव र्चोकाग वाकामु ताचा। सत्या स्याकिब्रह्म णोकिव र्च्चाःचा। तेन माकिसंसृ जाकिम साचाइश। हाबु हाबु हातुबुश। अ हचाम न्नकाम हचाम न्नकाम हचाम न्नाका। दोचहम न्नाकिदोचहम न्नाकिदोचहम न्नाकि। दोचअहं वि धाकीर योचाअहं वि धाकीर योचाअहंवि धाकीर याःचा॥ हाषबु हाबु हा उ वातू। एतच्अह मचिन्नमहमन्ना दोकूअ हंचावि धाकीर याःकाएतच्अह मचिन्नमहमन्ना दोकूअ हंचावि धाकीर याःका। एतच्अह मचिन्नमहमन्ना दोकूअ हंचावि धाकीर याःका। एतआ हंकाच्स्व र्ज्योटातीःख. ॥ १६३ ॥
हारीत इन्द्र श्माटूश्रूखणीण। ऊतोते हरि ताटूहाखरीण। तषनत्वा स्तुवन्ती काटूराखवाःण। पा र्षाचासोवना गाखीर्वाःण। ऋष्यास इन्द्र भुंटूआखइ तीणा। माघवन्निन्द्र भुंटूआखइ तीणा। भुं इ तीकिप्राभुंइ तीकी। इन्द्रस्तसर पूकूताःख॥ १६४ ॥
राजादेवौ होटूऋ तंकाबृ हाचात् । ओजादेवा ऋषुतंबृहदर्षा मीटूत्रात। स्यावारू णाकीस्या धाटाहातर्मा णाटा। ओ हिषान्वानऋताउ वाकूओपबाप्लबृ हाप्लात् । हा इशा॥ १६५ ॥ उद्य न्लोकिका नरो च योकुहोइमा न्लोकीका नरो च योकुहोइ दिवं सूकुर्यमरो च योकु। होइ विश्वं भूकुतमरो च योकुहोटहाखओहो वाशि। घकर्मो रोटाचीःख॥ १६६ ॥
पावित्र न्तेकीवित तंकिब्र ह्मणस्प तेकुहु वेटाहु वेटाहो वाटाहातहातइश। प्राभुर्गा त्राटीच्णीकप र्येटाषीविश्व ताचीहु वेटाहु वेटाहो वाटाहातहातइश। अतप्तत नूकुर्न्नत दाकिमोअश्नु तेकीहु वेटाहु वेटाहो वाटाहातहातइश। श्र ताकासइद्व हकीन्तस्सन्तदाश ताकूहु वेटाहु वेटाहो वाटाहातहाखऔहो वाशि। अर्को देटिवा नांटापरा मेचिव्योटमाखन् ॥ १६७ ॥ पावित्र न्तेकीवित तंकिब्रह्मणस्प तेकीच्हू वाकाऔटहो वाटा। प्राभुर्गा त्राकीणीप र्येकिषीविश्व तोकीच्हू वाकाऔटहो वाटा। अतप्तत नुकुर्न्नत दाकिमोअश्नु तेकीच्हू वाकाऔटहो वाटा। श्रतासइद्व हकून्तस्सन्तदाश ताकूहूवा औटिहोटवाखऔहो वाशि। अर्कस्य देकिवाःकच्परा मेचिव्योटमाखन् ॥ १६८ ॥
अर्चतप्रार्च ताषूनाखराःप्ल। प्रियमे धाखीसो आचार्चा ताफा। अर्चन्तु पूखीत्रा काचाऊकताफ। पूकरमि द्धाटिष्णुवा र्चाखि। तात्र॥ १६९ ॥
हाबु हाबु हातुबुश। आ नोकाब्रू वाटाआ नोकाब्रू वाटाआ नोकाब्रू वाटायाखओहो वाशि। रषक्षतनो रक्षि ताकूराःख। हाबु हाबु हातुबुश। आ नोकाब्रू वाटाआ नोकाब्रू वाटाआ नोकाब्रू वाटायाखओहो वाशि। गो पाकायतगो पाकीइता राःखि। हाबु हाबु हातुबुश। आ नोकाब्रू वाटाआ नोकाब्रू वाटाआ नोकाब्रू वाटायाखओहो वाशि। मा यीकाव र्च्चोकाअ थोकाभाकगम थोकियज्ञा स्याकियत्प याःकिपरमे ष्ठीचीप्रा जाचाप तीशार्दिवि द्व्याचिमिव द्रंकिह तुखा। हाबु हाबु हातुबुश। आ नोकाब्रू वाटाआ नोकाब्रू वाटाआ नोकाब्रू वाटायाखओहो वाशि। रषक्षतनो रक्षि ताकूराःख। हाबु हाबु हातुबुश। आ नोकाब्रू वाटाआ नोकाब्रू वाटाआ नोकाब्रू वाटायाखओहो वाशि। गो पाकायतगो पाकीइता राःखि। हाबु हाबु हातुबुश। आ नोकाब्रू वाटाआ नोकाब्रू वाटाआ नोकाब्रू वाटायाखओहो वाशि। एतर क्षषातनो रक्षिता रोचूगो पाथायत गो पाकीइता रःशि। एतर क्षषातनो रक्षिता रोचूगो पाथायत गो पाकीइता रःशि। एतर क्षषातनो रक्षिता रोचूगो पाथायत गो पाकीइता रःखि॥ १७० ॥