॥ शेनञ्च ॥
अ बो धि याती। ग्ना इ स्स मी धाकुज नाभानातम् । प्र ता इ धेभीनूतम् । इ वाकाया तीचामूकषा संथाय ह्वा ईभिवात। प्र व या मु ज्जिचुहा नाःथाप्र भा न्नाभिवाःत। स स्रा तेकिना काकामाचच्छा इ ळाटिभाखण्। ओपइ ळाशा ॥११०॥
🎵
Audio missing