| Global # | ऋषिः (Rishi) | देवता (Devata) | छन्दः (Chandas) |
|---|---|---|---|
| 16 | विश्वामित्रो गाथिनः | आत्मा अग्निर्वा | त्रिष्टुप् |
ऊदूत्यं᳒जाता᳒वे॑दसम् । दे᳒वं᳒वाहन्तींकेता᳒वा॑ः । दृशे᳹वि ᳹श्वा॑यासूर्यम् ॥ ११ ॥ अ᳒ह्न॑ःकेतु᳒न्सा᳒मी॑प्स्यती । आ᳸भु॑त्भाद्रा᳒नीवे᳒शा॑नी । विश्वा॑स्याज᳹ग॑तोरा᳒त्रि॑ः । उग्रं᳒वा᳒जी᳒न्याक्र᳒मीत् ॥ ६ ॥
॥ अहो रात्रयो व्रते द्वे पूर्वं वा घर्मस्य रोचनम् ॥
हाबु हाबु हाचुवा इ हिकि। आइ हिकि। आ इ हिकि। आ हा इ हिटी। आ हा इ हिटी। आ हा इ हिटी। आहा इहि होटु। आहा इहि होटु। आहा इहि होटुइश। विश्वेदे वाषीममश्रुन्वन्तु याटूज्ञातम् । ऊभे रोद सीषुअपान्नापाच्च माटून्मात। मावोवचां सीषुपरि चक्ष्याणि वोटूचातम् । हाबु हाबु हाचुवा इ हिकि। आइ हिकि। आ इ हिकि। आ हा इ हिटी। आ हा इ हिटी। आ हा इ हिटी। आहा इहि होटु। आहा इहि होटु। आहा इहि होटुइश। सुम्नेष्वि द्वोषीअन्तमाम दाटुइ माकाउ वाता। ईख॥ ५ ॥ # Start of Rik Metadata -- subsection_749 ## DO NOT EDIT # End of Rik Metadata -- subsection_749 ## DO NOT EDIT # Start of Rik Text -- subsection_749 ## DO NOT EDIT ए वा2ह्या2सी1वीरायुः । ए वा2शू2रा1ऊ2ता2स्थी रः2। ए वा2ते रा2ध्या म्मा2नाः1॥ ५ ॥ # End of Rik Text -- subsection_749 ## DO NOT EDIT # Start of SubSection Title -- subsection_749 ## DO NOT EDIT ॥ अत्रेश्च रक्षोघ्नम् ॥ # End of SubSection Title -- subsection_749 ## DO NOT EDIT #Start of Mantra Sets -- subsection_749 ## DO NOT EDIT हाबुहाबुहाबु सहोहाबु बषैलंहाबु रक्षोहाबु जहि हातेबुश। एकवाह्यसि वाटीइ राखायूःण। एतच्रायु रेकिरायु रेकिराचयुःश। हाबुहाबुहाबु सहोहाबु बषैलंहाबु रक्षोहाबु जहि हातेबुश। एकवाशूरा उ ताकुस्थाखइ राःणा। एतच्स्थीर येकिस्थीर येकिस्थीचरःश। हाबुहाबुहाबु सहोहाबु बषैलंहाबु रक्षोहाबु जहि हातेबुश। एकवाते रा ध्याकीम माखानाःण। एतच्मान एकिमान एकिमाचनःश। हाबुहाबुहाबु सहोहाबु बषैलंहाबु रक्षोहाबु जहि हाकेउ वाता। हो ह हाकिह हाकाहाचस् होह हाकिह हाकाहाचस् हो ह ह ह हाकुउ वाता। ईख॥ ६ ॥ #End of Mantra Sets -- subsection_749 ## DO NOT EDIT # Start of Rik Metadata -- subsection_750 ## DO NOT EDIT ॥ वसिष्ठो मैत्रावरुणिः इन्द्रः ऋषिः विराट् ॥ # End of Rik Metadata -- subsection_750 ## DO NOT EDIT # Start of Rik Text -- subsection_750 ## DO NOT EDIT अ ग्नी2मीळेपूरो हि1तम् । यज्ञ स्या1दे वा1मृ त्वी2जं1। हो2तारंराना धा2ता1मम् ॥ १० ॥ इ2न्द्र न्ना4रो1ने मा2धी1ताहवन्ते । यत्पार्या यू1ना4ज1न्ते धीय स्ताः2। शू2रो नृ4षा1ताश्रा वा1साश्च का2मे । आ2गो2मा1ती व्रा3जे4भाजा त्व2न्नाः1॥ ६ ॥ # End of Rik Text -- subsection_750 ## DO NOT EDIT # Start of SubSection Title -- subsection_750 ## DO NOT EDIT ॥ यम व्रते द्वे ॥ # End of SubSection Title -- subsection_750 ## DO NOT EDIT #Start of Mantra Sets -- subsection_750 ## DO NOT EDIT मनो हा बुषीवयो हाबु व र्चोतूहातबुश। अग्नी मी ळाभीइ पुरो हाखीइ तणाम् । ई ह हाषिवीळा हावा यूतुहातबुश। यज्ञस्य दाटीइव मृ त्वीखीजणम् । ऋतं हा बुषीस्वर्हाबुज्यो तीतुर्हातबुश। होतारं राटीत्ना धा ताखिमात्र। एतमा हाःटाख्॥ ७ ॥ इ न्द्राकाओपण्हाबु हाबु हा बुषूनरो ने मधि ताचूहाकव न्ताचाइश। हाकव न्ताचाइश। हाकव न्ताचा। ओकइ हा वाखिन्तेण। वन्ता औकिहोवा एकिहि याताहाबु हाबु हातुबुश। य त्पाकाओपण्हाबु हाबु हा बुषूयायुना ज न्तेचु। धी याकास्ताच। धी याकास्ताच। धी याकास्ताच। ओकइधी याखिस्ताःण। यस्ता औकिहोवा एकिहि याताहाबु हाबु हातुबुश। शू राकाओपण्हाबु हाबु हा बुषूनृषाता श्रव साचू। चा काकामाचईश। चा काकामाचईश। चा काकामाच। ओकइ च काखिमेण। कामा औकिहोवा एकिहि याताहाबु हाबु हातुबुश। आ गोकाओपण्हाबु हाबु हातुबुश। मति व्रेजे भ जाचू। तू वकान्नाच। तू वकान्नाच। तू वकान्नाच। ओकइतू वाखिन्नाःण। वन्ना औकिहोवा एकिहि याताहाषबु हाबु हाउ वातू। ईख॥ ८ ॥ #End of Mantra Sets -- subsection_750 ## DO NOT EDIT # Start of Rik Metadata -- subsection_751 ## DO NOT EDIT ॥ वसिष्ठो मैत्रावरुणिः इन्द्रः ऋषिः विराट् ॥ ॥ पुरुहन्मा आंगिरसः इन्द्रः बृहती ॥ # End of Rik Metadata -- subsection_751 ## DO NOT EDIT # Start of Rik Text -- subsection_751 ## DO NOT EDIT इ2न्द्र न्ना4रो1ने मा2धी1ताहवन्ते । यत्पार्या यू1ना4ज1न्ते धीय स्ताः2। शू2रो नृ4षा1ताश्रा वा1साश्च का2मे । आ2गो2मा1ती व्रा3जे4भाजा त्व2न्नाः1॥ ६ ॥ आभि त्वा2शू2र1नोनुमः । आ दू3ग्धाइवाधे ना2वाः । ई2शा1ना2मा1स्याज ग1तःस्वदृशं । ई शा1नमिन्द्रात स्थू2षाः1॥ १ ॥ # End of Rik Text -- subsection_751 ## DO NOT EDIT # Start of SubSection Title -- subsection_751 ## DO NOT EDIT ॥ अङ्गिरसां व्रते द्वे ॥ # End of SubSection Title -- subsection_751 ## DO NOT EDIT #Start of Mantra Sets -- subsection_751 ## DO NOT EDIT हाबु हाबु हातुबुश। हाकओ वाचाघाकओ वाचाघाओ वाचिक् । ओंतओंतओं । त । ओंचओंचओंच। हाकओ वाचाघाकओ वाचाघाकओ वाचा। गा युकारा युकारा युका। रे आ यूकि। रे आ यूकि। रे आ यूःकि। आयु रायु रायु रिन्द्र न रोषेने मधिता ह वाटून्तातइश। यत्पार्या यू नषुजन्ताइ धि याटुस्ताःत। शूरो नृषा ताषुश्रवसश्च काटुमातइश। आगोम तिषीव्रजे भजा तु वाटुन्नाःत। हाबु हाबु हातुबुश। हाकओ वाचाघाकओ वाचाघाओ वाचिक् ओंतओंतओंत। ओंचओंचओंच। हाकओ वाचाघाकओ वाचाघाकओ वाचा। गा युकारा युकारा युका। रे आ यूकि। रे आ यूकिरे । आ यूःकि। आयु रायु राकुयाखओहो वाशि। एतआकयु र्धाकाअस्मभ्यंव र्चोकुधा दे वेटिभ्याःख॥ ९ ॥ हाबु हाबु हातुबु हा हाकिबु हा हाकिबु हा हाकि। वि हा हाकि। वि हा हाकि। वि हा हाकि। विया हाकि। विया हाकि। विया हाकिबुश। हाषबु हाबु हा उ वातू। आभित्वा शूर नोकूनु मोकाहाचस्श। आदुग्धा इव धेकून वोकाहाचस्श। ईशा नमा स्याकुजग ताकिसुवदृ शंकीहाचस्श। ईशा नमिन्द्र तकूस्थ्यु षोकाहाचस्श। हाबु हाबु हातुबु । हा हाकिबु हा हाकि। बु हा हाकि। वि हा हाकि। वि हा हाकि। वि हा हाकि। विया हाकि। विया हाकि। विया हाकिबुश। हाषबु हाबु हा उ वातू। इ ळाकाहाचस् । हाशस् इ ळाचा। इ ळाचाहाशस् । हाशस् इ ळाचा। इ ळाचाहाचस् । हाशस् इ ळाचा॥ १० ॥ #End of Mantra Sets -- subsection_751 ## DO NOT EDIT # Start of Section Title -- section_69 ## DO NOT EDIT पञ्चमः खण्डः # End of Section Title -- section_69 ## DO NOT EDIT # Start of Rik Metadata -- subsection_748 ## DO NOT EDIT ॥ वामदेवो गौतमः गायत्र्यग्निः ॥ # End of Rik Metadata -- subsection_748 ## DO NOT EDIT # Start of Rik Text -- subsection_748 ## DO NOT EDIT ऊदू त्यं2जा ता2वे1दसम् । दे2वं2वाहन्तीं के ता2वाः1। दृ शे4वि4श्वा1यासूर्यम् ॥ ११ ॥ अ2ह्नः1के तु2न्सा2मी1प्स्यती । आ3भु1त्भा द्रा2नी वे2शा1नी । वि श्वा1स्या ज4ग1तो रा2त्रिः1। उ ग्रं2वा2जी2न्या क्र2मीत् ॥ ६ ॥ # End of Rik Text -- subsection_748 ## DO NOT EDIT # Start of SubSection Title -- subsection_748 ## DO NOT EDIT ॥ अहो रात्रयो व्रते द्वे पूर्वं वा घर्मस्य रोचनम् ॥ # End of SubSection Title -- subsection_748 ## DO NOT EDIT #Start of Mantra Sets -- subsection_748 ## DO NOT EDIT हाबु हाबु हातुबुश। प्रागन्यद नुषुवर्त तेकिरजोपा गकीन्यक्त मू पेकीषतिभ्य साची। हा बुषाहाबु हाबु दूकुत्य ञ्जाथाता वाकाइ दायासाटम् । दे वंचाव हकाच्न्ती काकाइ तायावाःट। दृ शेचावि श्वाकाया सुकाराययाटम् । हा बुषाहाबु हा उ वातु। प्रागन्यद नुषुवर्त तेकिरजोपा गकीन्यक्त मू पेकीषतिभ्य साची। हा बुषाहाबु हा उ वातु। एतअरूरुच त्घकुर्मोशअरूरु चाकीदू षाषान्दिवि सूर्यो वि भाकूतीख॥ १ ॥ होटवाइ होटिवाइ होटिवा इशा। आप्रा गाकित्भ द्राकायुवा तीकिर्होटवाइ होटिवाइ होटिवा इशा। अन्हः के तुकीन्समीप्स तीकीर्होटवाइ होटिवाइ होटिवा इशा। अ भूकात्भ द्राकानि वेकाश नीकार्होटवाइ होटिवाइ होटिवा इशा। विश्वा स्याकिजग तोकिरा त्रिकाहोंटवाइ होटिवाइ होटिवाखओहो वाशि। ईख॥ २ ॥
🎵
Audio missing