| Global # |
ऋषिः (Rishi) |
देवता (Devata) |
छन्दः (Chandas) |
| 142 |
वसिष्ठो मैत्रावरुणिः |
इन्द्रः |
त्रिष्टुप् |
॥ वसिष्ठो मैत्रावरुणिः इन्द्रः त्रिष्टुप् ॥
इ᳒न्द्रन्ना᳹रो॑नेमा᳒धी॑ताहवन्ते । यत्पार्यायू॑ना᳹ज॑न्तेधीयस्ताः᳒ । शू᳒रोनृ᳹षा॑ताश्रावा॑साश्चका᳒मे । आ᳒गो᳒मा॑तीव्रा᳸जे᳹भाजात्व᳒न्नाः॑ ॥ १ ॥
हा बु हा बु हातूबुश। आ युचारा युचारा युःचा। स त्यंचा। स त्यंचा। स त्यचाम् । इकन्द्रं न रो नेकीम धि ता ह व न्ताकूइश। य त्पा र्याचियू न ज न्ताचीइ धि य स्ताःची। शूकरो नृ षा ताकीश्र व स श्र का माकूइ । आकगो म ता इकीव्रा जे भ जाकीत्वचन्नःश। हा बु हा बु हातूबुश। आ युचारा युचारा युःचा। स त्यंचा। स त्यंचा। स त्याखाऔ हो वाशि। ईख ॥१॥ हा बु हा बु हातूबुश। आ नोकाह्या नोचाह्या नोका। ह्य म न दोकी। ह म न दोकी। ह म न दोकी। हाकमि न्द्रं न रो नेकुम धि ता ह व न्ताकूइश। य त्पा र्याचियू न ज न्ताचीइ धि य स्ताःची। शूकरो नृ षा ताकीश्र व स श्र का माकूइ । आकगो म ता इकीव्रा जे भ जाकीत्वचन्नःश। हा बु हा बु हातूबुश। आ नोकाह्या नोचाह्या नोका। ह्य म न दोकी। ह म न दोकी। ह म नाटिदो हा उ वाती। ईख ॥२॥
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वसिष्ठो मैत्रावरुणिः |
इन्द्रः |
त्रिष्टुप् |
इ᳒न्द्रन्ना᳹रो॑नेमा᳒धी॑ताहवन्ते । यत्पार्यायू॑ना᳹ज॑न्तेधीयस्ताः᳒ । शू᳒रोनृ᳹षा॑ताश्रावा॑साश्चका᳒मे । आ᳒गो᳒मा॑तीव्रा᳸जे᳹भाजात्व᳒न्नाः॑ ॥ १ ॥
हा बु हा बु हातूबुश। ए न्याटाबुश। ए न्याटाबुश। ए न्याटाबुश। ए न्याचाहाकबुश। ए न्याचाहाकिबुश। ए न्याचाहाकबुश। इकन्द्रं न रो नेकीम धि ता ह व न्ताकूइश। य त्पा र्याचियू न ज न्ताचीइ धि य स्ताःची। शूकरो नृ षा ताकीश्र व स श्र का माकूइ । आकगो म ता इकीव्रा जे भ जाकीत्वचन्नःश। हा बु हा बु हातूबुश। ए न्याटाबुश। ए न्याटाबुश। ए न्याटाबुश। ए न्याचाहाकबुश। ए न्याचाहाकिबुश। ए न्याटाहा उ वाति। ईख ॥३॥ हा बु हा बु हातूबुश। आ होटानिश। आ होटानिश। आ होटानिश। आ हो नि याकी। आ हो नि याकी। आ हो नि याकी। इकन्द्रं न रो नेकीम धि ता ह व न्ताकूइश। य त्पा र्याचियू न ज न्ताचीइ धि य स्ताःची। शूकरो नृ षा ताकीश्र व स श्र का माकूइ । आकगो म ता इकीव्रा जे भ जाकीत्वचन्नःश। हा बु हा बु हातूबुश। आ होटानिश। आ होटानिश। आ होटानिश। आ हो नि याकी। आ हो नि याकी। आ होटानि याखाऔ हो वाशि। ईख ॥४॥
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वसिष्ठो मैत्रावरुणिः |
इन्द्रः |
त्रिष्टुप् |
इ᳒न्द्रन्ना᳹रो॑नेमा᳒धी॑ताहवन्ते । यत्पार्यायू॑ना᳹ज॑न्तेधीयस्ताः᳒ । शू᳒रोनृ᳹षा॑ताश्रावा॑साश्चका᳒मे । आ᳒गो᳒मा॑तीव्रा᳸जे᳹भाजात्व᳒न्नाः॑ ॥ १ ॥
हा बु हा बु हातूबुश। हाचहा हाचाहाफहाप्लबुश। हाचहा हाचाहाफहाप्लबुश। । हाचहा हाचाहाफहाप्लबुश। इकन्द्रं न रो नेकीम धि ता ह व न्ताकूइश। य त्पा र्याचियू न ज न्ताचीइ धि य स्ताःची। शूकरो नृ षा ताकीश्र व स श्र का माकूइ । आकगो म ता इकीव्रा जे भ जाकीत्वचन्नःश। हा बु हा बु हातूबुश। हाचहा हाचाहाफहाप्लबुश। हाचहा हाचाहाफहाप्लबुश। । हाचहा हाचाहाफहाप्लबुश। हाषबु हा बु हा उ वातू। ईख ॥५॥ हा बु हा बु हातु श। ई हाचाहा हाकाहाकहाफहाप्लबुश। ई हाचाहा हाकाहाकहाफहाप्लबुश। ई हाचाहा हाकाहाकहाफहाप्लबुश। इकन्द्रं न रो नेकीम धि ता ह व न्ताकूइश। य त्पा र्याचियू न ज न्ताचीइ धि य स्ताःची। शूकरो नृ षा ताकीश्र व स श्र का माकूइ । आकगो म ता इकीव्रा जे भ जाकीत्वचन्नःश। हा बु हा बु हातु श। ई हाचाहा हाकाहाकहाफहाप्लबुश। ई हाचाहा हाकाहाकहाफहाप्लबुश। हाषबु हा बु हा उ वातू। ई ॥६॥
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वसिष्ठो मैत्रावरुणिः |
इन्द्रः |
त्रिष्टुप् |
इ᳒न्द्रन्ना᳹रो॑नेमा᳒धी॑ताहवन्ते । यत्पार्यायू॑ना᳹ज॑न्तेधीयस्ताः᳒ । शू᳒रोनृ᳹षा॑ताश्रावा॑साश्चका᳒मे । आ᳒गो᳒मा॑तीव्रा᳸जे᳹भाजात्व᳒न्नाः॑ ॥ १ ॥
हा वी न्द्रांकि। ना रोषाने म धि ता हा वाटूटय्न्ताटइश। य त्पाटाच्र्याकयूषन ज न्ता इ धि याटूटय्स्ताःट। शू रोटानृ षाषाता श्र व स श्र काटूटय्माटइश। आ गोटाच्मा तिकव्र जे भ जा न्तु वाटूट्न्नाखऔ हो वाशि। ईख ॥७॥ वा ओटावा ओटावा इखान्द्रणम् । ना रो ने म धि ताटूह वाखान्ताणइश। यषत्पा र्या यू न ज न्ताटूइ धि याखिस्ताःण। शू रोषानृ षा ता श्र व साटूश्च काखामाणइश। आ गोषाम ति व्रा जे भ जाटूतु वाखान्नाःण। वा ओटावा ओटावा वाखाऔ हो वाशि। ईख ॥८॥
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| 143 |
प्रयोगो भार्गवः |
अग्निः |
गायत्री |
॥ प्रयोगो भागर्वः अग्निः गायत्री ॥
ऊपात्वाजामायो᳒गीराः॑ । देदीशतिर्हा॑विष्कृताः । वायोरा॑नीकेअस्थिरन् ॥ २ ॥
हो वाषाइ हो वा इ हो वातू। हा उ प त्वा जाखुमाशयो गि राःखि। दे दी श तीखिर्हाशवि ष्कृ ताःखि। व यो र नीखीकेशअ स्थि राखिन् । हो वाषाइ हो वा इ हो वातूहाखऔ हो वाशि। ईख ॥९॥ ओ वा ओ वा ओ वातू। हा उ प त्वा जाखुमाशयो गि राःखि। दे दी श तीखिर्हाशवि ष्कृ ताःखि। व यो र नीखीकेशअ स्थि राखिन् । ओ वा ओ वा ओ वातूहाखऔ हो वाशि। ईख ॥१०॥