| Global # |
ऋषिः (Rishi) |
देवता (Devata) |
छन्दः (Chandas) |
| 150 |
नहुशो मानवः |
पवमानः सोमः |
अनुष्टुप् |
॥ नहुषो मानवः पवमानः सोमः अनुष्टुप् ॥
आयंपूषा᳒रायि᳒र्भागाः᳒ । सोमाः॑पूनानोअ॑र्ष॑ति । पाति॑र्वि᳹श्वा॑स्याभू᳒म॑नः । व्यख्यद्रोद॑सीऊभे ॥ १ ॥
अ यं पू षाकी। ओपवाण। प्र । र यि र्भ गोचीर यि र्भाचिगाश। ओपवाण। चाखक्षुःण। सो मः पूचिनाक। ओपवाण। नोकअ र्षा ति नोकीअ र्षा ताकि। ओपवाण। सूखवाःण। पा ति वा ई श्वाकु। ओपवाण। स्य भू म नाचीस्या भू म नाची। ओपवाण। ज्योखतीःण। व्य ख्या द्रोकि। ओपवाण। द सीचाउ भेशाद सीचाउ भाका। ओपवाण। चाखक्षुःण ॥१॥ आ यं पूटिषाख। औकहो वाथा। र यिचार्भ गोशार यि र्भाटिगाख। औकहो वाथा। सोकमः पूटानाख। औकहो वाथा। नोकअ र्षा ति नोकीअ र्षाटाताख। औकहो वाथा। पा ति र्वाटिइ श्वाखा। औकहो वाथा। स्या भूचाम नाशास्या भू माटिनाख। औकहो वाथा। वि य ख्याटिद्रोख। औकहो वाथा। द सीटाउ भेशाद सी ऊटभाख। औकहो वाथा। औचहोययौटहोखवाश। चाखक्षुःण। औचहोययौटहोखवाश। सूखवाःण। औचहोययौटहोखवाश। ज्योखतीःण। औचहोययौटहोखवाश। चाखक्षुःण ॥२॥ ए अ यंषिपू षा र यि र्भ गाःतू। सोकमः पू नाचा। इचहाश। नोटाआ र्षाचाइ ळाचा। ता इषाप ति र्वि श्वा स्य भूयूमापनाःश। व्य ख्य द्रो द शाटुइ हो उ भ याटुआ उ वाटि। इ ट् इ ळाटिख् ॥३॥
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ऋषिः (Rishi) |
देवता (Devata) |
छन्दः (Chandas) |
| 151 |
श्रुतकक्षः आङ्गिरसः |
इन्द्रः |
गायत्री |
॥ नमृधे आंगिरसः इन्द्रः बृहती ॥
त्वामेताद॑धारया । कृष्णासूरो᳒ही᳒णीषुच । पा᳒रू॑ष्णीषूरू᳒शत्पा᳒याः ॥ २ ॥
हा बु त्व मे तातुत् । एकत दे ता दा धाकुराखयाःण। कृ ष्णा सु रो हि णीटू। षूखचाण। पा रू ष्णाटिइ षूतारू शाकात्पाटयाखऔ हो वाशि। अ भि स्पु रीचीयाकयंथत्वि ष्मःचा ॥४॥ त्वाकमेथत द्धोचाहाचइश। हो आ धायिरा याःटा। हो इ का र्ष्णायीशू रोटाहो इ हा इ णीयुषू चाटा। हो इ पा रूयीष्णा इ षूटि। हो ई रूकिशा त्पाटाट्याखऔ हो वाशि। स मे षाकिभि स्पू रीकियाकयंथच्त्वि ष्मःशा ॥५॥ ओ त्व मे तातीत् । ओ आ धायिरा याःटा। ओ इ का र्ष्णायीसू रोटाओ इ हा इ णीयुषू चाटा। ओ इ पा रूयीष्णा इ षूटि। ओ इ रूकिशा त्पाटाट्याखऔ हो वाशि। अ स्सा भ्यकिङ्गाततु वि त्तकिमाखम् ॥६॥
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ऋषिः (Rishi) |
देवता (Devata) |
छन्दः (Chandas) |
| 152 |
भुवन आप्त्यः साधनो वा भौवनः |
विश्वेदेवाः |
द्विपदा विराट् |
॥ भुवन आप्त्यः साधनो वा भौवनः विश्वेदेवाः द्विपदा विराट् ॥
इमा॑नूकं॑भू᳒वा॑नासिषधेम । इन्द्रा॑श्वावि᳒श्वे॑चादेवाः᳒ ॥ ३ ॥
हो इ हाति। हो इ हाति। हो इ हाति। इ हो इ हाती। इ हो इ हाती। इ हो इ हाती। औटहो इ हाटि। औटहो इ हाटि। औकहो इ हाखिऔ हो वाशि। ई माचानु कंशाभु व ना सी ष धेकूमाचइ हाशा। इ न्द्रा श्चाकिवि श्चे च देकीवाःचइ हाशा। हो इ हाति। हो इ हाति। हो इ हाति। इ हो इ हाती। इ हो इ हाती। इ हो इ हाती। औटहो इ हाटि। औटहो इ हाटि। औकहो इ हाखिऔ हो वाशि। एतच्भ द्रचाम् ॥७॥ हो इ याति। हो इ याति। हो इ याति। इ हो इ याती। इ हो इ याती। इ हो इ याती। औटहो इ याटि। औटहो इ याटि। औकहो इ याखिऔ हो वाशि। ई माचानु कंशाभु व ना सी ष धेकूमाचइ याशा। इ न्द्रा श्चाकिवि श्चे च देकीवाःचइ याशा। हो इ याति। हो इ याति। हो इ याति। इ हो इ याती। इ हो इ याती। इ हो इ याती। औटहो इ याटि। औटहो इ याटि। औकहो इ याखिऔ हो वाशि। एतच्श्रे याःचा ॥८॥ हो इ ळाति। हो इ ळाति। हो इ ळाति। इ ळो इ ळाती। इ ळो इ ळाती। इ ळो इ ळाती। औटहो इ ळाटि। औटहो इ ळाटि। औकहो इ ळाखिऔ हो वाशि। ई माचानु कंशाभु व ना सी ष धेकूमाचइ ळाशा। इ न्द्रा श्चाकिवि श्चे च देकीवाःचइ ळाशा। हो इ ळाति। हो इ ळाति। हो इ ळाति। इ ळो इ ळाती। इ ळो इ ळाती। इ ळो इ ळाती। औटहो इ ळाटि। औटहो इ ळाटि। औकहो इ ळाखिऔ हो वाशि। । इ ट् इ ळाटिख् ॥९॥
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ऋषिः (Rishi) |
देवता (Devata) |
छन्दः (Chandas) |
| 153 |
प्रथो वासिष्ठः |
विश्वेदेवाः |
त्रिष्टुप् |
॥ जमदग्निभागर्वः इन्द्रः (सूर्यः) बृहती ॥
प्राथश्चायास्या॑सा॑प्रा᳹थश्चानां । आनु॑ष्टभस्याहावी᳹षो॑हावीर्यात् । धातू᳒र्द्यू॑ता॑नास्सवी॑तुश्चा᳹वि॑ष्णोः । रा᳒थन्तारामा᳒जभारावासीष्ठम् ॥ ४ ॥
हा बु प्रा थाःकी। चा यषास स्य प्र थ श्च नाटूमायउ वाटा। ई ळाचाई ळा ई ळाशी। हो इ हो वाकीहायउ वाटाईखहाश। आ नुषाष्टु भ स्य ह वि षोकूह वाटाइ र्यायाउ वाटा। ई ळाचाई ळा ई ळाशी। हो इ हो वाकीहायउ वाटाईखहाश। धाकतु र्द्यु ताकिनाचत्स वि तु श्च वाटूइ ष्णायाउ वाटा। ई ळाचाई ळा ई ळाशी। हो इ हो वाकीहायउ वाटाईखहाश। राकथथन्ता र माजिजशभ राथाव साटाइ ष्ठायाउ वाटा। ई ळाचाई ळा ई ळाशी। हो इ हो वाकीहायउ वाटाईखहाश। एतद्यू ताःटाख् ॥१०॥ प्रा थाःका। चा यषास स्य प्र थ श्च नाटूमायउ वाटा। इ हाचाइ हा इ हाशी। उ हु वा योखिवाणईखळाश। आ नुषाष्टु भ स्य ह वि षोकूह वाटाइ र्यायाउ वाटा। इ हाचाइ हा इ हाशी। उ हु वा योखिवाणईखळाश। धाकतु र्द्यु ताकिनाचत्स वि तु श्च वाटूइ ष्णायाउ वाटा। इ हाचाइ हा इ हाशी। उ हु वा योखिवाणईखळाश। राकथथन्ता र माजिजशभ राथाव साटाइ ष्ठायाउ वाटा। इ हाचाइ हा इ हाशी। उ हु वा योखिवाणईखळाश। एतद्यूचत् ॥११॥