॥ गौतमस्यपर्कः ॥
ओतग्नातइश। आ याथाच्ही वाचाइश। ता याटाइशता याटिइश। गृ णाचानोशह व्या दाचि। ता याटाइशता याटिइश। ना इ होकिताच। साटत्साटइ बाखाऔ हो वाशि। हीखषिश ॥६४॥
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